NEET पेपर लीक मामले पर प्रदर्शन तेज, CJP संस्थापक दीपके ने खत्म किया अनशन
NEET प्रश्नपत्र लीक मामले और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजित दीपके ने सोमवार को अपना अनशन समाप्त कर दिया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की थी।
अभिजित दीपके ने यह अनशन सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद शुरू किया था। उनके साथ तीन छात्र भी अनशन पर बैठे थे, जिन्होंने भी सोमवार को अपना अनशन समाप्त कर दिया।
सोनम वांगचुक ने अस्पताल से की संसद मार्च की मांग
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शिक्षा व्यवस्था और NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर अनशन कर रहे थे। पुलिस द्वारा उन्हें जंतर-मंतर से हटाने के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अस्पताल में भर्ती वांगचुक ने प्रशासन को पत्र लिखकर संसद भवन मार्च में शामिल होने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि उनका स्वास्थ्य ठीक है और उन्हें मार्च में जाने की अनुमति दी जानी चाहिए।
संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन की ओर मार्च करने की कोशिश की। सुरक्षा व्यवस्था के कारण पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच काफी देर तक बातचीत चली, लेकिन जब प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हुए तो पुलिस ने कार्रवाई की।
मुख्य घटनाक्रम:
- संसद के पास पहुंचकर छात्रों ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी की।
- कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की।
- पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए सुरक्षा घेरा मजबूत किया।
- बाद में आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया।
- कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
संसद क्षेत्र में लागू रही निषेधाज्ञा
संसद भवन के आसपास सुरक्षा को देखते हुए निषेधाज्ञा लागू की गई थी। मानसून सत्र शुरू होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था पहले से कड़ी रखी गई थी।
पुलिस ने नियमों का उल्लंघन कर संसद की ओर बढ़ रहे कई लोगों को हिरासत में लिया और उन्हें नजदीकी थाने ले जाया गया।
CJP ने 20 जून से शुरू किया था प्रदर्शन
कॉकरोच जनता पार्टी ने NEET पेपर लीक मामले, परीक्षा व्यवस्था में सुधार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 20 जून से जंतर-मंतर पर धरना शुरू किया था।
इसके बाद सोनम वांगचुक ने भी 28 जून से इन्हीं मांगों को लेकर भूख हड़ताल शुरू की थी।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें:
- NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच।
- परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता।
- छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस कदम।
- शिक्षा व्यवस्था में सुधार।
- जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई।
छात्रों के मुद्दों को लेकर जारी है आंदोलन
NEET पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को लेकर देशभर में छात्रों और संगठनों की ओर से सवाल उठाए जाते रहे हैं। प्रदर्शनकारी लगातार मांग कर रहे हैं कि परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय न हो।
फिलहाल अभिजित दीपके और अन्य छात्रों ने अनशन समाप्त कर दिया है, लेकिन शिक्षा व्यवस्था में सुधार और NEET मामले को लेकर आंदोलन की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

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