रायपुर। देश के रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित 75 रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन कर उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया। करीब 1,570 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए इन स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं, बेहतर यात्री सेवाओं और स्थानीय सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप विकसित किया गया है।
इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ के सरोना, बालोद और चांपा रेलवे स्टेशन भी नई पहचान के साथ देश को समर्पित किए गए। वहीं, मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा, नैनपुर और बालाघाट स्टेशन भी इस सूची में शामिल हैं।
दूसरी बार इतने बड़े स्तर पर हुआ राष्ट्र को समर्पण
यह अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित स्टेशनों का दूसरा बड़ा राष्ट्रव्यापी समर्पण कार्यक्रम है।
इससे पहले 22 मई 2025 को प्रधानमंत्री ने 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 103 अमृत भारत स्टेशनों का उद्घाटन किया था। अब 75 और स्टेशनों के जुड़ने से देश में आधुनिक रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और तेज हो गया है।
छत्तीसगढ़ के तीन स्टेशनों को मिला नया स्वरूप
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत आने वाले छत्तीसगढ़ के तीन प्रमुख स्टेशनों का व्यापक पुनर्विकास किया गया है।
बालोद स्टेशन
बालोद स्टेशन को जिले की कृषि समृद्धि और पारंपरिक बुनाई कला की पहचान के अनुरूप विकसित किया गया है। स्टेशन की डिजाइन स्थानीय संस्कृति को दर्शाती है।
चांपा जंक्शन
चांपा जंक्शन में क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत बनाने के साथ-साथ कृषि विरासत को भी प्रमुखता दी गई है। यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
सरोना स्टेशन
रायपुर के निकट स्थित सरोना स्टेशन को बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक यात्री सुविधाओं और स्थानीय बुनाई परंपरा की झलक के साथ नया रूप दिया गया है।
मध्यप्रदेश के इन स्टेशनों को भी मिला नया स्वरूप
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत मध्यप्रदेश के तीन प्रमुख स्टेशनों का भी आधुनिकीकरण किया गया।
- छिंदवाड़ा – जंगलों और प्राकृतिक विरासत की थीम पर आधारित डिजाइन।
- नैनपुर जंक्शन – ऐतिहासिक रेलवे विरासत को संरक्षित करते हुए आधुनिक सुविधाओं से लैस।
- बालाघाट – जनजातीय कला और वन संस्कृति को दर्शाने वाली विशेष वास्तुकला।
क्या है अमृत भारत स्टेशन योजना?
रेल मंत्रालय ने दिसंबर 2022 में अमृत भारत स्टेशन योजना की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य केवल स्टेशनों की मरम्मत करना नहीं, बल्कि उन्हें आधुनिक, सुरक्षित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करना है।
इस योजना के तहत रेलवे स्टेशनों को शहरों के आधुनिक ट्रांजिट हब के रूप में तैयार किया जा रहा है, जहां यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और सुगम आवागमन उपलब्ध हो।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
- आधुनिक यात्री प्रतीक्षालय और बेहतर बैठने की व्यवस्था।
- दिव्यांगजनों के लिए सुगम पहुंच की सुविधाएं।
- बेहतर प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज और एस्केलेटर।
- स्थानीय संस्कृति और विरासत को दर्शाने वाली वास्तुकला।
- डिजिटल सूचना प्रणाली और आधुनिक यात्री सुविधाएं।
- भविष्य की बढ़ती यात्री संख्या को ध्यान में रखकर विकसित ढांचा।
अब तक कितने स्टेशन हुए विकसित?
रेल मंत्रालय के अनुसार, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अब तक 261 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास पूरा किया जा चुका है।
सरकार का लक्ष्य देशभर के 1,340 रेलवे स्टेशनों को चरणबद्ध तरीके से आधुनिक स्वरूप देना है। शेष स्टेशनों पर विभिन्न चरणों में निर्माण और पुनर्विकास कार्य तेजी से जारी है।
यात्रियों और क्षेत्रीय विकास को मिलेगा लाभ
रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण से केवल यात्रा सुविधाएं ही बेहतर नहीं होंगी, बल्कि स्थानीय पर्यटन, व्यापार और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा। आधुनिक स्टेशन शहरों की नई पहचान बनेंगे और स्थानीय कला, संस्कृति तथा विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 75 नए स्टेशनों का राष्ट्र को समर्पण भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलने के साथ-साथ देश के रेलवे नेटवर्क को भी नई मजबूती मिलेगी।

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