दुर्ग में आयोजित एक संयुक्त प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं और चढ़ावे से जुड़े आरोपों को लेकर केंद्र सरकार, भाजपा और आरएसएस से जवाब मांगा। कांग्रेस ने पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने और ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन का फॉरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की।
जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण), दुर्ग शहर और भिलाई नगर की ओर से आयोजित इस प्रेस वार्ता में प्रदेश कांग्रेस द्वारा नियुक्त प्रभारी और पूर्व अध्यक्ष, खनिज निगम गिरीश देवांगन ने मुख्य रूप से अपनी बात रखी।
कांग्रेस ने क्या कहा?
गिरीश देवांगन ने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था और विश्वास के प्रतीक हैं। उनके अनुसार, मंदिर निर्माण के लिए देशभर के श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक दान दिया था और ऐसे में यदि वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आते हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि यदि ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार की प्रक्रिया के तहत हुआ और शीर्ष स्तर पर नियुक्तियां हुईं, तो इस पूरे मामले में जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि पूरे मामले की:
- सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए।
- ट्रस्ट के सभी वित्तीय लेनदेन की निष्पक्ष जांच हो।
- यदि किसी स्तर पर अनियमितता साबित होती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस का कहना है कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है, इसलिए जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए।
फॉरेंसिक ऑडिट की भी उठाई मांग
भिलाई नगर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने कहा कि मंदिर निर्माण से जुड़े सभी वित्तीय रिकॉर्ड का स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि जांच में शामिल हों:
- मंदिर निर्माण के लिए प्राप्त दान
- चढ़ावे का पूरा विवरण
- भूमि खरीद से जुड़े रिकॉर्ड
- निर्माण कार्यों पर हुआ खर्च
- अन्य वित्तीय लेनदेन
साथ ही ऑडिट रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की भी मांग की गई, ताकि लोगों के सामने पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके।
भाजपा से जवाब मांगने की बात
दुर्ग शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने कहा कि भाजपा को इस पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं, तो केवल निचले स्तर पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। उनके अनुसार, यदि आवश्यक हो तो जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शीर्ष स्तर तक भी पहुंचनी चाहिए।
कांग्रेस ने क्या कहा छात्रों और आस्था को लेकर?
जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य किसी धर्म या आस्था का विरोध करना नहीं है।
उन्होंने कहा कि पार्टी की मांग केवल यह है कि:
- श्रद्धालुओं के दान का पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित हो।
- यदि कोई गड़बड़ी हुई है तो निष्पक्ष जांच हो।
- दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि भगवान श्रीराम पूरे देश की आस्था के केंद्र हैं और इस विषय को राजनीतिक विवाद से ऊपर उठकर देखा जाना चाहिए।
प्रेस वार्ता में कई नेता रहे मौजूद
इस संयुक्त प्रेस वार्ता में कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने एक स्वर में कहा कि श्रद्धालुओं के दान और मंदिर से जुड़े वित्तीय मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।
क्या है मौजूदा स्थिति?
फिलहाल कांग्रेस ने सार्वजनिक रूप से जांच और जवाबदेही की मांग उठाई है। इस संबंध में संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। यदि इस मामले में कोई जांच या प्रशासनिक कार्रवाई होती है, तो उसके आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

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