छत्तीसगढ़ में बारिश का मौसम शुरू होते ही सर्पदंश की घटनाओं में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। सरगुजा संभाग से सामने आई ताजा घटनाओं ने एक बार फिर लोगों को सावधान रहने की जरूरत का एहसास कराया है। एक ही दिन में अलग-अलग स्थानों पर जहरीले सांप के काटने से पिता-पुत्री समेत तीन लोगों की मौत हो गई। इन घटनाओं में सबसे दुखद पहलू यह रहा कि सभी पीड़ित जमीन पर सो रहे थे और समय पर उचित इलाज नहीं मिलने के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
बारिश के दौरान अक्सर सांप अपने बिलों से बाहर निकलकर सुरक्षित और सूखी जगहों की तलाश करते हैं। ऐसे में घरों के भीतर, आंगन में या जमीन पर सो रहे लोगों के संपर्क में आने की संभावना बढ़ जाती है। ग्रामीण इलाकों में यह खतरा और भी ज्यादा रहता है, जहां लोग गर्मी और उमस के कारण जमीन पर सोना पसंद करते हैं।
पिता और मासूम बेटी की एक साथ चली गई जान
एक हृदयविदारक घटना में एक परिवार रात के समय घर में जमीन पर सो रहा था। आधी रात के दौरान एक जहरीला सांप बिस्तर तक पहुंच गया और सो रहे पिता तथा उनकी मासूम बेटी को डस लिया। शुरुआत में परिवार को स्थिति की गंभीरता का अंदाजा नहीं लग पाया, लेकिन कुछ ही देर में दोनों की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी।
परिजनों ने तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने के बजाय पारंपरिक झाड़-फूंक और घरेलू उपायों का सहारा लिया। इसी दौरान कीमती समय निकल गया और हालत गंभीर होने पर अस्पताल पहुंचने से पहले ही दोनों की मौत हो गई।
बारिश के मौसम में क्यों बढ़ जाती हैं सर्पदंश की घटनाएं?
विशेषज्ञों के अनुसार मानसून के दौरान सांपों के बिलों में पानी भर जाता है, जिससे वे बाहर निकलने को मजबूर हो जाते हैं। इस दौरान वे घरों, गोदामों, लकड़ी के ढेर, खेतों और झाड़ियों में छिप जाते हैं।
सर्पदंश बढ़ने के प्रमुख कारण:
- बारिश के कारण सांपों का बिलों से बाहर निकलना।
- घरों के आसपास झाड़ियों और गंदगी का जमा होना।
- जमीन पर सोने की आदत।
- रात के समय बिना रोशनी के बाहर निकलना।
- खेतों और निर्माण स्थलों पर सावधानी की कमी।
झाड़-फूंक पर भरोसा पड़ सकता है भारी
स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार यह सलाह देते हैं कि सांप काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार पर भरोसा करना खतरनाक साबित हो सकता है। सर्पदंश के मामलों में शुरुआती एक घंटे को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो:
- घबराएं नहीं और मरीज को शांत रखें।
- प्रभावित अंग को ज्यादा हिलने न दें।
- तुरंत नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें।
- किसी भी तरह की झाड़-फूंक या देरी से बचें।
- डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही उपचार कराएं।
जमीन पर सोने वालों के लिए विशेष सावधानी जरूरी
बरसात के मौसम में विशेषज्ञ जमीन पर सोने से बचने की सलाह देते हैं। यदि मजबूरी में जमीन पर सोना पड़े तो आसपास की जगह की अच्छी तरह जांच कर लें और मच्छरदानी या ऊंचे बिस्तर का उपयोग करें।
सुरक्षा के लिए अपनाएं ये उपाय:
- घर के आसपास झाड़ियों की नियमित सफाई करें।
- रात में टॉर्च का इस्तेमाल करें।
- दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें।
- बच्चों को अकेले बाहर न भेजें।
- जमीन पर बिस्तर लगाने से पहले आसपास की जांच करें।
बारिश का मौसम अपने साथ राहत के साथ कई खतरे भी लेकर आता है। थोड़ी सी सावधानी और समय पर चिकित्सा सहायता कई अनमोल जिंदगियों को बचा सकती है। सर्पदंश जैसी आपात स्थिति में अंधविश्वास नहीं, बल्कि त्वरित चिकित्सा ही सबसे बड़ा बचाव है।

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