जल गंगा संवर्धन अभियान
मध्यप्रदेश सरकार ने जल संरक्षण और पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन को लेकर चलाए गए जल गंगा संवर्धन अभियान-2026 को बड़ी सफलता बताया है। 19 मार्च से 30 जून तक चले इस 100 दिवसीय अभियान के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दावा किया कि राज्य में जल संरक्षण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। सरकार के अनुसार, इस अभियान ने प्रदेश में जल संकट से निपटने और भविष्य के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में मजबूत आधार तैयार किया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अभियान के दौरान राज्यभर में पुराने और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण, मरम्मत और पुनर्जीवन पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके तहत हजारों गांवों और शहरों में जल संरचनाओं को नया जीवन देने का प्रयास किया गया।
100 दिनों में हुए बड़े काम
सरकार के मुताबिक अभियान के दौरान करीब 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से प्रदेशभर में 3 लाख 62 हजार से अधिक जल संरचनाओं का विकास और पुनरोद्धार किया गया।
इनमें शामिल हैं:
- पुराने कुओं की सफाई और मरम्मत
- बावड़ियों का संरक्षण और पुनर्जीवन
- तालाबों का गहरीकरण और सौंदर्यीकरण
- नदियों के संरक्षण से जुड़े कार्य
- अमृत सरोवरों का निर्माण और विकास
- वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने वाली परियोजनाएं
- ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ाने के प्रयास
सरकार का मानना है कि इन कार्यों से आने वाले वर्षों में भूजल स्तर में सुधार देखने को मिलेगा और पानी की उपलब्धता बेहतर होगी।
भूजल स्तर सुधारने पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि सामाजिक भागीदारी का विषय है। यदि समाज और सरकार मिलकर काम करें तो भविष्य में जल संकट जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि अभियान के जरिए वर्षा जल के अधिकतम संचयन पर जोर दिया गया है, जिससे भूजल स्तर को बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों को भी इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
राजगढ़ जिले को मिली करोड़ों की सौगात
अभियान के समापन समारोह के दौरान राजगढ़ जिले के लिए कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की भी घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने लगभग 352.65 करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया।
इनमें शामिल हैं:
- 247.40 करोड़ रुपये की लागत वाली 14 परियोजनाओं का भूमि-पूजन।
- लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से 17 विकास कार्यों का लोकार्पण।
- जीरापुर स्थित सांदीपनि विद्यालय का उद्घाटन।
- करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से बने नए पुल का लोकार्पण।
इन परियोजनाओं से क्षेत्र में शिक्षा, सड़क और आवागमन सुविधाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
स्व-सहायता समूहों और हितग्राहियों को मिला लाभ
कार्यक्रम के दौरान सरकार ने महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण योजनाओं के तहत भी सहायता वितरित की।
मुख्य लाभ इस प्रकार रहे:
- 405 स्व-सहायता समूहों को 20 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता।
- दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल का वितरण।
- पात्र महिलाओं को स्कूटी की चाबियां प्रदान की गईं।
- विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ वितरण किया गया।
जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी है और हर नागरिक को इसमें अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
सरकार का दावा है कि जल गंगा संवर्धन अभियान ने मध्यप्रदेश को जल संरक्षण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई है। आने वाले समय में इस प्रकार के प्रयास प्रदेश को जल संकट से बचाने और टिकाऊ विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

More Stories
सामाजिक अंकेक्षण में लापरवाही नहीं चलेगी! मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश, आपत्तियों के त्वरित निराकरण पर जोर
छत्तीसगढ़ में अब तेजी से होगा सरकारी जमीन का आवंटन! राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने दिए बड़े संकेत
खनिज माफियाओं पर प्रशासन का सबसे बड़ा प्रहार! 8 क्रेशर, 1 माइंस सील, 10 वाहन जब्त