June 26, 2026

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लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान में बड़ा फैसला! अब सरकार कराएगी मुफ्त तीर्थयात्रा, CM मोहन यादव की कई बड़ी घोषणाएं

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान और कल्याण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। राजधानी भोपाल में आयोजित लोकतंत्र सेनानी प्रादेशिक सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देश में लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने घोषणा की कि अब राज्य सरकार लोकतंत्र सेनानियों के लिए विशेष तीर्थयात्रा योजना शुरू करेगी, जिसके तहत उनके लिए स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी।

भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से लोकतंत्र सेनानी और उनके परिजन शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया और लोकतंत्र सेनानियों पर पुष्प वर्षा कर उनका सम्मान किया। इस अवसर पर वरिष्ठ लोकतंत्र सेनानियों का अभिनंदन भी किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक ऐसा दौर था, जिसने देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक स्वतंत्रताओं को गंभीर चुनौती दी थी। उस समय हजारों लोगों ने जेल जाकर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उन्हीं के प्रयासों के कारण आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश बनकर खड़ा है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के त्याग और संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि युवाओं को लोकतंत्र के महत्व और उसके संरक्षण के लिए किए गए बलिदानों की जानकारी मिल सके।

मुख्यमंत्री द्वारा की गई प्रमुख घोषणाएं

  • लोकतंत्र सेनानियों के लिए विशेष तीर्थयात्रा ट्रेन चलाई जाएगी।
  • प्रदेश के सभी रेस्ट हाउस और सर्किट हाउस में दो दिन तक नि:शुल्क ठहरने की सुविधा मिलेगी।
  • दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों के नाम पर गांवों और कस्बों में शिलालेख लगाए जाएंगे।
  • पार्क, सड़क और खेल मैदानों का नाम लोकतंत्र सेनानियों के नाम पर रखा जाएगा।
  • नि:शुल्क इलाज और आवश्यकता पड़ने पर एयर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
  • जिन सेनानियों को अभी तक ताम्रपत्र नहीं मिले हैं, उन्हें जल्द सम्मानित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल सम्मान तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि लोकतंत्र सेनानियों के अनुभव और सुझावों को प्रदेश के विकास में भी शामिल किया जाएगा। उनका अनुभव समाज और शासन दोनों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने आपातकाल के दौर को याद करते हुए कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए हजारों लोगों ने कठिन परिस्थितियों का सामना किया था। कई परिवारों ने सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए संघर्ष जारी रखा।

विशेषज्ञों का मानना है कि लोकतंत्र सेनानियों के लिए घोषित नई योजनाएं केवल कल्याणकारी कदम नहीं हैं, बल्कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान के प्रति सम्मान को भी दर्शाती हैं। इससे समाज में लोकतंत्र के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और नई पीढ़ी को इतिहास से सीखने का अवसर मिलेगा।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित करने और उनके योगदान को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने की यह पहल आने वाले समय में लोकतांत्रिक परंपराओं को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

मध्य प्रदेश सरकार की यह पहल लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले उन लोगों को सम्मान देने का प्रयास है, जिनके त्याग और समर्पण ने भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।