June 10, 2026

खबरों पर नजर हर पहर

पैरी नदी में अवैध रेत माफियाओं पर बड़ा प्रहार! 3 मशीनें और हाईवा जब्त, साय सरकार की सख्त कार्रवाई से मचा हड़कंप

छत्तीसगढ़ में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ राज्य सरकार ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए रेत माफियाओं को कड़ा संदेश दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर खनिज विभाग की केंद्रीय खनि उड़नदस्ता और जिला स्तरीय संयुक्त टीम ने गरियाबंद जिले में छापेमार कार्रवाई कर तीन चैन माउंटेन मशीनों और एक हाईवा वाहन को जब्त किया है।

यह कार्रवाई पैरी नदी के तट पर की गई, जहां नियमों को दरकिनार कर मशीनों के जरिए बड़े पैमाने पर रेत निकाली जा रही थी। प्रशासन की इस सख्ती के बाद अवैध खनन में लगे लोगों के बीच हड़कंप मच गया है।

पैरी नदी में पकड़ा गया अवैध खनन

खनिज विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि गरियाबंद जिले के राजिम तहसील अंतर्गत ग्राम कुरुसकेरा में पैरी नदी से अवैध तरीके से रेत निकाली जा रही है।

संयुक्त जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया, जहां पाया गया कि:

  • मशीनों के जरिए रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा था।
  • खनन कार्य नियमों और निर्धारित शर्तों के विपरीत संचालित हो रहा था।
  • भारी मशीनों का उपयोग कर नदी क्षेत्र को नुकसान पहुंचाया जा रहा था।

जांच के बाद अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन चैन माउंटेन मशीनों को जब्त कर सील कर दिया।

हाईवा वाहन भी हुआ जब्त

कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से रेत परिवहन कर रहे एक हाईवा वाहन को भी पकड़ा गया।

अधिकारियों ने वाहन को जब्त कर सुरक्षार्थ राजिम थाना परिसर में खड़ा कराया है। साथ ही खदान संचालक और मशीन मालिकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट कहा है कि राज्य की प्राकृतिक संपदा की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि:

  • अवैध उत्खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
  • खनिज संपदा का उपयोग केवल नियमों के अनुसार ही किया जाएगा।
  • दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
  • अवैध खनन नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए लगातार निगरानी रखी जाएगी।

क्यों खतरनाक है अवैध रेत उत्खनन?

विशेषज्ञों के अनुसार अवैध रेत खनन से कई गंभीर समस्याएं पैदा होती हैं:

  • नदियों का प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित होता है।
  • भूजल स्तर में गिरावट आती है।
  • नदी किनारों का कटाव बढ़ता है।
  • जैव विविधता को नुकसान पहुंचता है।
  • पुल, सड़क और अन्य संरचनाओं पर खतरा बढ़ जाता है।

इसी वजह से सरकार लगातार ऐसे मामलों पर कड़ी नजर बनाए हुए है।

लगातार चल रहा है अभियान

खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पूरे प्रदेश में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ विशेष अभियान जारी है।

मुख्य बिंदु:

  • उड़नदस्ता दलों की नियमित निगरानी।
  • औचक निरीक्षण और छापेमारी।
  • अवैध परिवहन करने वाले वाहनों की जब्ती।
  • दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई।
  • खनिज राजस्व की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण पर जोर।

राज्य सरकार का मानना है कि ऐसी सख्त कार्रवाई से न केवल अवैध खनन पर अंकुश लगेगा बल्कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा। आने वाले दिनों में प्रदेश के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी इसी तरह की कार्रवाई तेज किए जाने की संभावना है।