बेमेतरा। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय (दुर्ग विश्वविद्यालय) से संबद्ध जवाहरलाल नेहरू कला एवं विज्ञान महाविद्यालय के छात्रों का गुस्सा सोमवार को सड़कों पर फूट पड़ा। परीक्षा परिणाम में कथित गड़बड़ियों, बिना वजह ATKT दिए जाने, परीक्षा देने के बावजूद अनुपस्थित दर्शाने और रिजल्ट जारी नहीं होने जैसी समस्याओं को लेकर छात्रों ने नेशनल हाईवे-30 पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन के कारण हाईवे पर यातायात प्रभावित हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे।
क्या हैं छात्रों के आरोप?
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि परीक्षा परिणाम में कई गंभीर त्रुटियां सामने आई हैं, जिससे सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
छात्रों द्वारा लगाए गए प्रमुख आरोप:
- कई विद्यार्थियों को बिना उचित कारण ATKT दी गई।
- परीक्षा देने के बावजूद छात्रों को अनुपस्थित दर्शाया गया।
- अनेक छात्रों के परिणाम अब तक घोषित नहीं किए गए।
- अंकों की गणना में त्रुटियां पाई गईं।
- बिना निष्पक्ष जांच के UFM (अनुचित साधन) की कार्रवाई की गई।
- परिणामों में तकनीकी और प्रशासनिक गलतियां सामने आईं।
छात्रों का कहना है कि इन समस्याओं के कारण उनकी आगे की पढ़ाई और करियर प्रभावित हो रहा है।
तीन घंटे से अधिक समय तक चला प्रदर्शन
छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर नेशनल हाईवे-30 पर चक्काजाम कर दिया। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन के दौरान छात्र विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और परीक्षा परिणाम में हुई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग करते रहे।
छात्रों ने बताई अपनी पीड़ा
प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने कहा कि अधिकांश छात्र किसान, मजदूर और सामान्य परिवारों से आते हैं। उनके माता-पिता कठिन परिस्थितियों में मेहनत कर उन्हें उच्च शिक्षा दिलाने का प्रयास कर रहे हैं।
छात्रों का कहना है कि:
- एक गलत रिजल्ट पूरे शैक्षणिक भविष्य को प्रभावित कर सकता है।
- तकनीकी त्रुटियों का खामियाजा छात्रों को नहीं भुगतना चाहिए।
- समय पर परिणाम नहीं मिलने से उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी प्रभावित हो रही है।
- प्रशासन को विद्यार्थियों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना चाहिए।
UFM कार्रवाई पर भी उठे सवाल
कई विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ बिना पर्याप्त जांच के UFM (Unfair Means) की कार्रवाई कर दी गई, जिसके कारण उनका परिणाम रोक दिया गया।
छात्रों की मांग है कि:
- सभी मामलों की निष्पक्ष जांच हो।
- गलत UFM कार्रवाई वापस ली जाए।
- प्रभावित छात्रों के परिणाम जल्द जारी किए जाएं।
- त्रुटिपूर्ण मार्कशीट और रिजल्ट में सुधार किया जाए।
प्रशासन से समाधान की मांग
छात्रों का कहना है कि उन्होंने कॉलेज और विश्वविद्यालय में प्रवेश शुल्क, परीक्षा शुल्क तथा अन्य निर्धारित शुल्क जमा किए हैं। इसलिए उनकी समस्याओं का समाधान करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
क्या हैं छात्रों की प्रमुख मांगें?
- ATKT मामलों की पुनः जांच
- अनुपस्थित दर्शाए गए छात्रों के परिणाम सुधारना
- लंबित परिणाम तत्काल जारी करना
- UFM मामलों की निष्पक्ष समीक्षा
- अंक संबंधी त्रुटियों का सुधार
- जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई
फिलहाल प्रशासन और पुलिस अधिकारी छात्रों से लगातार बातचीत कर रहे हैं। अब सभी की नजर विश्वविद्यालय प्रशासन के अगले कदम पर है, जिससे यह तय होगा कि छात्रों की मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है।

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