May 31, 2026

खबरों पर नजर हर पहर

ट्विशा शर्मा केस के बीच फिर चर्चा में पूर्व जज का पुराना फैसला, फैज कुरैशी हत्याकांड बना सुर्खियों में

भोपाल — मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में सीबीआई की कार्रवाई के बाद पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इसी बीच उनके न्यायिक करियर का एक अहम फैसला—फैज कुरैशी हत्याकांड—फिर से चर्चा का विषय बन गया है।

सीबीआई ने हाल ही में गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को हिरासत में लिया है, जिसके बाद उनके पुराने निर्णयों की समीक्षा और बहस तेज हो गई है।

क्या था फैज कुरैशी हत्याकांड?

यह मामला 25 जुलाई 2021 का है, जब भोपाल के तलैया थाना क्षेत्र में ईदगाह स्कूल ग्राउंड के पास फैज कुरैशी पर चाकू से हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल फैज की अस्पताल में मौत हो गई थी।

पुलिस ने इस मामले में शफीक कुरैशी को गिरफ्तार किया था और हत्या में इस्तेमाल चाकू सहित कई सबूत बरामद करने का दावा किया गया था।

13 फरवरी 2023 को आया था अहम फैसला

13 फरवरी 2023 को पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह ने आरोपी शफीक कुरैशी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था।

अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि:

  • अभियोजन पक्ष हत्या को संदेह से परे साबित नहीं कर सका
  • प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान विश्वसनीय नहीं पाए गए
  • गवाह अदालत में अपने बयान से मुकर गए
  • एफएसएल और वैज्ञानिक साक्ष्य निर्णायक नहीं थे
  • केवल पुलिस बयान के आधार पर दोष सिद्ध नहीं किया जा सकता

गवाहों के मुकरने से कमजोर हुआ केस

सुनवाई के दौरान प्रमुख गवाह:

  • अमान कुरैशी
  • अफसान कुरैशी
  • जीशान
  • समीर

अपने पूर्व बयानों से मुकर गए थे। किसी भी गवाह ने आरोपी को सीधे घटना में शामिल नहीं बताया।

FSL रिपोर्ट पर अदालत की टिप्पणी

अदालत ने यह भी कहा था कि फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) रिपोर्ट अभियोजन पक्ष के दावों को स्पष्ट रूप से साबित नहीं करती। इसलिए आरोपी को दोषी ठहराने का आधार मजबूत नहीं था।

सुप्रीम कोर्ट के सिद्धांत का हवाला

फैसले में अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के इस सिद्धांत का उल्लेख किया था कि:

  • अभियोजन को आरोप “संदेह से परे” साबित करना होगा
  • किसी भी उचित संदेह का लाभ आरोपी को मिलेगा

इन्हीं आधारों पर आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 से बरी कर दिया गया था।

अब क्यों फिर चर्चा में है फैसला?

ट्विशा शर्मा मामले में सीबीआई की कार्रवाई के बाद पूर्व जज गिरिबाला सिंह फिर सुर्खियों में हैं। इसके बाद उनके पुराने और चर्चित फैसलों की समीक्षा शुरू हो गई है, जिनमें फैज कुरैशी हत्याकांड का यह फैसला सबसे प्रमुख है।