May 31, 2026

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रातों-रात चल रहा था रेत का काला खेल! भादा घाट में पुलिस की बड़ी रेड, मशीन सीलबंद

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए माफियाओं के बीच हड़कंप मचा दिया है। जिले के भादा रेत घाट में पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर अवैध खनन में लगी एक भारी चैन माउंटेन मशीन को मौके पर ही सीलबंद कर दिया। इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में खलबली मच गई है।

जानकारी के मुताबिक, जिले में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इसके बाद पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देश पर “इलीगल माइनिंग टास्क फोर्स” का गठन किया गया। इसी अभियान के तहत सीएसपी जांजगीर योगिताबाली खापर्डे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने भादा रेत घाट में दबिश दी।

मशीन से हो रहा था अवैध उत्खनन

छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने देखा कि घाट क्षेत्र में भारी मशीन के जरिए अवैध रूप से रेत निकाली जा रही थी। जांच में यह भी सामने आया कि उत्खनन कार्य बिना अनुमति और जरूरी दस्तावेजों के किया जा रहा था। इसके बाद तत्काल खनिज विभाग को सूचना दी गई।

खनिज विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच के बाद मशीन को नियमों के तहत सीलबंद कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि मामले में आगे कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

प्रशासन ने दिखाई सख्ती

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में किसी भी हालत में अवैध रेत खनन, भंडारण और परिवहन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में शामिल लोगों और गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन केवल सरकारी राजस्व को नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि नदियों और पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचाता है। लगातार हो रहे अवैध उत्खनन से नदी तंत्र प्रभावित होता है और जल स्तर पर भी असर पड़ता है।

संवेदनशील घाटों पर बढ़ी निगरानी

टास्क फोर्स की कार्रवाई के बाद अब जिले के संवेदनशील रेत घाटों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीम लगातार जांच अभियान चला रही है।

अधिकारियों के मुताबिक—

अवैध रेत परिवहन पर कड़ी नजर रखी जा रही है
बिना अनुमति चल रहे मशीनों और वाहनों पर कार्रवाई होगी
रात में विशेष गश्त बढ़ाई गई है
संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत छापेमारी की जाएगी
क्षेत्र में मचा हड़कंप

भादा घाट में हुई कार्रवाई के बाद अवैध खनन से जुड़े लोगों में डर का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय बाद प्रशासन ने इतनी बड़ी कार्रवाई की है। लोगों को उम्मीद है कि इससे जिले में चल रहे रेत माफियाओं पर लगाम लगेगी।

पर्यावरण संरक्षण पर जोर

विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध रेत उत्खनन से नदियों का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ता है। इससे बाढ़ और भू-क्षरण जैसी समस्याएं बढ़ती हैं। प्रशासन का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

जांजगीर-चांपा जिले में हुई यह कार्रवाई अवैध खनन के खिलाफ एक बड़ा संदेश मानी जा रही है। आने वाले दिनों में प्रशासन और भी सख्त अभियान चलाने की तैयारी में है।