May 7, 2026

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चुनावी आचार संहिता हटी, लेकिन फाल्टा विधानसभा में पाबंदियाँ बरकरार: जानें पूरी डिटेल


चुनाव आयोग ने हाल ही में अपने एक महत्वपूर्ण निर्णय में आचार संहिता हटाई की घोषणा की है। यह कदम तब आया जब असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव और कुछ राज्यों में उपचुनाव संपन्न हो चुके हैं।

मुख्य बातें:

  • चुनाव आयोग ने असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में हुए आम चुनाव और गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नागालैंड और त्रिपुरा के सात विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनावों के बाद आचार संहिता हटाई
  • आयोग ने कहा कि सभी क्षेत्रों में मतगणना पूरी हो चुकी है और रिटर्निंग अधिकारियों ने नतीजे घोषित कर दिए हैं।
  • हालांकि, पश्चिम बंगाल के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में पाबंदियाँ अभी भी लागू रहेंगी। यहां 21 मई को दोबारा मतदान कराया जाएगा।

आचार संहिता हटने का मतलब क्या है?

  • चुनावी प्रचार और राजनीतिक गतिविधियों पर अब कोई विशेष पाबंदी नहीं रहेगी।
  • सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों पर लगाए गए चुनावी प्रतिबंध हट जाएंगे।
  • राजनीतिक पार्टियों और उम्मीदवारों के लिए प्रचार के नए अवसर खुल जाएंगे।

फाल्टा में क्यों जारी है आचार संहिता?

  • वहां 21 मई को दोबारा मतदान होगा।
  • दोबारा मतदान तक किसी भी तरह की चुनावी गतिविधियों पर रोक रहेगी।
  • यह सुनिश्चित करने के लिए कि मतदान निष्पक्ष और स्वतंत्र रहे।

चुनाव आयोग की प्रक्रिया:

  • आयोग ने अपने इस निर्णय की जानकारी केंद्र सरकार के कैबिनेट सचिव और संबंधित राज्यों के मुख्य सचिवों को भी दे दी है।
  • सभी राज्यों में चुनावी गतिविधियों की मॉनिटरिंग अब नई स्थिति के अनुसार होगी।

संक्षेप में:

  • अधिकांश राज्यों में आचार संहिता हटाई गई।
  • फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में आचार संहिता जारी।
  • चुनावी गतिविधियाँ अब खुलकर शुरू हो सकती हैं।
  • यह कदम लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में अहम है।

यह फैसला चुनाव आयोग की निष्पक्षता और समय पर परिणाम घोषित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जनता और राजनीतिक पार्टियों के लिए यह संकेत है कि चुनावी प्रक्रिया अब नए चरण में प्रवेश कर चुकी है।