May 4, 2026

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मुख्यमंत्री साय ने नालंदा परिसर के निर्माण कार्य का निरीक्षण, युवाओं के लिए समग्र शैक्षिक संसाधन का वादा

रायपुर, 2026: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हाल ही में बलरामपुर जिला मुख्यालय स्थित निर्माणाधीन नालंदा परिसर का निरीक्षण किया। यह परिसर युवाओं के लिए एक प्रमुख शैक्षिक केंद्र के रूप में स्थापित किया जा रहा है, जिसमें उच्च गुणवत्ता वाली शैक्षिक सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री ने परियोजना के निर्माण कार्य की प्रगति को देखा और इसे निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।
मुख्यमंत्री ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश:

निर्माण कार्य की गुणवत्ता: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होगी। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और कार्य की प्रगति की लगातार निगरानी की जाएगी।
समय सीमा पर काम: श्री साय ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि नालंदा परिसर का कार्य तय समय सीमा में पूरी तरह से पूरा हो जाए, ताकि जिले के विद्यार्थी शीघ्र इसका लाभ उठा सकें।
आधुनिक शैक्षिक सुविधाएं: परिसर में आधुनिक ई-लाइब्रेरी, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पुस्तकें, समृद्ध अध्ययन सामग्री और पत्र-पत्रिकाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह सब विद्यार्थियों को एक समग्र और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन वातावरण प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने नालंदा परिसर की महत्वता को रेखांकित किया:

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नालंदा परिसर राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसमें युवाओं को बेहतर शैक्षिक संसाधन और अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह परिसर जिले के विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अध्ययन केंद्र बनेगा, जो उन्हें उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में मदद करेगा।
नालंदा परिसर के विशेष आकर्षण:

ई-लाइब्रेरी: छात्रों के लिए ऑनलाइन पुस्तकें और अध्ययन सामग्री।
समृद्ध पुस्तकालय: प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित महत्वपूर्ण किताबें और पत्र-पत्रिकाएं।
उच्च गुणवत्ता की संरचनाएं: गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए निर्माण कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री का विश्वास:

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि नालंदा परिसर जिले के विद्यार्थियों के लिए एक ज्ञान और अवसर का सशक्त केंद्र बनेगा। इसके माध्यम से छात्रों को एक आधुनिक और प्रभावी शैक्षिक वातावरण मिलेगा, जिससे उनकी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी और भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।