April 24, 2026

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LPG सिलेंडर डिलीवरी का नया नियम: DAC नंबर न देने पर डिलीवरी हो सकती है रुक!


LPG सिलेंडर की डिलीवरी से जुड़ी सुरक्षा बढ़ाने के लिए भारत में एक नया नियम लागू किया गया है, जिसे DAC नंबर कहा जा रहा है। अब, गैस सिलेंडर की डिलीवरी के समय आपको Delivery Authentication Code (DAC) देना होगा, वरना डिलीवरी नहीं की जाएगी। इस नए नियम का उद्देश्य गैस की चोरी, फर्जी डिलीवरी और गलत बिलिंग जैसी समस्याओं को रोकना है। आइए जानते हैं, DAC नंबर क्या है और यह कैसे काम करता है।

1. DAC नंबर क्या है?

DAC नंबर यानी Delivery Authentication Code, एक यूनिक कोड है जो हर बार गैस सिलेंडर बुक करने के बाद ग्राहक को भेजा जाता है। यह कोड बिल्कुल OTP की तरह होता है और बुकिंग के बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है। इस कोड को डिलीवरी के समय डिलीवरी बॉय से बताना अनिवार्य होगा।

2. DAC नंबर कैसे काम करता है?

जब आप LPG सिलेंडर बुक करते हैं, तो गैस कंपनी की तरफ से आपको एक DAC कोड भेजा जाता है। यह कोड उस मोबाइल नंबर या ऐप पर भेजा जाता है जिसका उपयोग आपने बुकिंग के दौरान किया है। डिलीवरी के समय, डिलीवरी बॉय आपके पास आता है और आपको यह DAC नंबर पूछता है। अगर आप सही कोड देते हैं, तो ही सिलेंडर की डिलीवरी पूरी होती है।

3. DAC नंबर क्यों जरूरी है?

यह नया सिस्टम मुख्य रूप से ब्लैक मार्केटिंग, गलत बिलिंग और गैस चोरी जैसी समस्याओं को रोकने के लिए शुरू किया गया है। इसके अलावा, यह ग्राहकों को भी सुरक्षा का अहसास कराता है कि उनकी बुकिंग के बिना कोई भी डिलीवरी नहीं हो सकती। DAC नंबर से हर डिलीवरी को एक यूनीक पहचान मिलती है, जिससे डिलीवरी प्रोसेस पारदर्शी और सुरक्षित हो जाती है।

4. DAC नंबर नहीं मिला तो क्या करें?

कभी-कभी नेटवर्क या तकनीकी समस्याओं के कारण DAC नंबर समय पर नहीं मिल पाता है। अगर आपको यह कोड नहीं मिला, तो घबराने की कोई बात नहीं है। आप डिलीवरी बॉय से इसे फिर से भेजने के लिए कह सकते हैं। इसके अलावा, आप गैस एजेंसी या ऐप के जरिए भी इसे प्राप्त कर सकते हैं। बस यह ध्यान रखें कि डिलीवरी बॉय से सही कोड मिलने पर ही सिलेंडर की डिलीवरी की जाएगी।

5. कैसे प्राप्त करें DAC नंबर?

DAC नंबर प्राप्त करना बहुत आसान है। जब आप गैस सिलेंडर बुक करते हैं, तो गैस कंपनी आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर इस कोड को भेजती है। यदि आपने ऐप या WhatsApp के माध्यम से बुकिंग की है, तो वही कोड उसी प्लेटफॉर्म पर भी भेजा जाएगा।

6. नए नियम का फायदा क्या है?

  • सुरक्षा: इस कोड के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि केवल वही व्यक्ति सिलेंडर प्राप्त करे, जिसने बुकिंग की थी।
  • कम ब्लैक मार्केटिंग: गैस की चोरी और अवैध डिलीवरी की समस्याओं को यह सिस्टम नियंत्रित करता है।
  • पारदर्शिता: हर डिलीवरी को एक यूनिक कोड से जोड़ा जाता है, जिससे डिलीवरी प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी बनती है।