दीपिका पादुकोण ने 40 की उम्र में दूसरी बार मां बनने जा रही हैं। साल 2024 में उन्होंने बेटी दुआ को जन्म दिया था, जो अभी डेढ़ साल की है। पहले कहा जाता था कि बच्चा करने की सही उम्र 30 तक होती है लेकिन अब ऐसा बिल्कुल नहीं है। अब महिलाएं 40 से 45 की उम्र में भी नैचुरल तरीके से मां बन रही हैं। खासतौर पर एक्ट्रेसेस ने इस काफी नॉर्मल कर दिया है। दीपिका पादुकोण से पहले टीवी एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी ने भी 41 की उम्र में प्रेग्नेंसी अनाउंस की थी। कटरीना कैफ, सोनम कपूर जैसी कई हसीनाएं 40 के बाद मां बन चुकी हैं लेकिन क्या वाकई इस उम्र में मां बनना आसान है। क्या लेट प्रेग्नेंसी में कोई रिस्क नहीं होता? इस बारे में नोएडा की प्रसूति एवं स्त्रीरोग विशेषज्ञ रौनक खंडेलवाल से हमने बात की। तो चलिए डॉक्टर से जानते हैं आखिर लेट प्रेग्नेंसी कितनी सुरक्षित है?
किस उम्र में एक्ट्रेसेस हुईं प्रेग्नेंट?
एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण की उम्र 40 हो चुकी हैं और अब वह दूसरी बार प्रेग्नेंट हैं। कुछ दिनों पहले टीवी की फेमस एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी ने 41 की उम्र में पहली प्रेग्नेंसी अनाउंस की थी, वह जल्द ही जुड़वां बच्चों का वेलकम करने वाली हैं। सोनम कपूर भी 40 की उम्र में दूसरी बार बेटे की मां बनी हैं। कटरीना कैफ भी 40 की उम्र में मां बनीं। सभी हसीनाओं की प्रेग्नेंसी 40 की उम्र के आस-पास हुई और नेचुरल तरीके से।
लेट प्रेग्नेंसी में खतरा
डॉक्टर रौनक का कहना है कि लेट प्रेग्नेंसी कुछ मामलों में जोखिम भरी हो सकती है। अगर 30 की उम्र के बाद आपके शरीर में भारी बदलाव आए हैं या फिर आपको कुछ हेल्थ इश्यू बने रहते हैं। साथ ही 35 की उम्र के बाद फर्टिलिटी धीरे-धीरे कम होती है और अंडों की गुणवत्ता ज्यादा अच्छी नहीं होती। ऐसे में लेट प्रेग्नेंसी कई रिस्क से भरी हो सकती है।
रिस्क क्या हो सकते हैं?
अगर आपको पहले से ही स्वास्थ्य समस्याएं हैं, तो प्रेग्नेंसी के दौरान इसका असर मां के साथ बच्चे पर भी पड़ेगा। अगर आपका शरीर पूरी तरह से स्वस्थ नहीं है, तो गर्भावस्था के दौरान हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मिसकैरेज या फिर समय से पहले डिलीवरी होने की संभावना भी रहती है। ऐसे में कई बार मां के साथ बच्चे को भी जोखिम उठाने पड़ते हैं। लेट प्रेग्नेंसी हमेशा डॉक्टर की खास देख-रेख में ही प्लान करनी चाहिए और आजकल डॉक्टर्स पहले ही सभी टेस्ट कर लेते हैं और जरूरत पड़ने पर प्रेग्नेंसी से पहले ही मल्टी-विटामिन्स खाने की सलाह देते हैं।
मां की सेहत पर असर
अगर आप शारीरिक रूप से स्वस्थ नहीं हैं और प्रेग्नेंसी लेट प्लान कर रही हैं, तो डिलीवर के बाद कमर, पीठ, पैर में दर्द, थकान, कमजोरी और नींद की कमी की समस्या से जूझना पड़ सकता है। 30 की उम्र में शरीर जल्दी रिकवर कर लेता है और वापिस से एक्टिव मोड में आ जाता है। लेट प्रेग्नेंसी में आपका शरीर पहले जैसे नहीं रहता, ऐसे में आपको ज्यादा आराम की जरूरत होती है। जो ज्यादातर औरतों को मां बनने के बाद नहीं मिल पाता है। एक्ट्रेसेस लेट प्रेग्नेंसी इसलिए भी प्लान कर लेती हैं, क्योंकि उनका खान-पान, एक्सरसाइज का रूटीन पहले से बना होता है और वह उसी हिसाब से चलती रहती हैं। साथ ही डिलीवरी के बाद उनकी बॉडी को आराम भी मिल जाता है, उनके पास कई बेहतर ऑप्शन होते हैं, जो आम महिलाओं के पास नहीं होते। अगर आप लेट प्रेग्नेंसी प्लान कर रही हैं, तो पहले किसी अच्छी डॉक्टर से सलाह लें।
सुरक्षित कितनी है?
लेट प्रेग्नेंसी उन औरतों के लिए सुरक्षित हैं, जो अपने खान-पान और लाइफस्टाइल का खास ख्याल रखती हैं। अगर आप एक्सरसाइज करती हैं, हेल्दी डायट लेती हैं और एक्टिव हैं, तो आपको स्वास्थ्य से जुड़ी ज्यादा समस्याएं नहीं होंगी। प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में कई कमियां हो जाती हैं, अगर आपका खान-पान पहले से बेहतर होता है तो ज्यादा परेशानी नहीं होती। महिलाओं को हमेशा प्रोटीन, कैल्शियम और आयरन से भरपूर चीजें खानी चाहिए, जिससे प्रेग्नेंसी के दौरान मां और बच्चे को कोई कमी ना हो। अगर आप सभी चीजों का ख्याल रख रही हैं, तो 35-40 के बाद भी प्रेग्नेंसी सुरक्षित हो सकती है।

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