रायसेन: मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के दशहरा मैदान में शनिवार से तीन दिवसीय राष्ट्रीय उन्नत कृषि महोत्सव और प्रशिक्षण कार्यक्रम की भव्य शुरुआत हुई। इस कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री राजनाथ सिंह, डॉ. मोहन यादव, और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी ने इसे खास बना दिया। इस महोत्सव का उद्देश्य किसानों को नई कृषि तकनीकों, उन्नत बीज, फसल प्रबंधन और बाजार की जानकारी प्रदान करना है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके। आइए जानते हैं इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के बारे में विस्तार से।
किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने का लक्ष्य
कार्यक्रम के पहले दिन किसानों से जुड़े कई अहम पहलुओं पर चर्चा की गई। शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को संबोधित करते हुए बताया कि अब उन्हें एप के माध्यम से मिट्टी, फसल और बाजार से संबंधित जानकारी प्राप्त होगी। इस एप के माध्यम से किसानों को खेती की नई तकनीकों और मार्केटिंग की प्रक्रिया की पूरी जानकारी मिलेगी।
नए कृषि रोडमैप का निर्माण
केंद्र सरकार द्वारा मध्य प्रदेश के लिए एक विशेष कृषि रोडमैप तैयार किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य हॉर्टिकल्चर हब के रूप में राज्य की पहचान को बढ़ावा देना है। इस प्रयास से राज्य में फल-सब्जी की खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को ज्यादा लाभ होगा। इसके साथ ही राज्य में 55 दाल मिलें खोलने का भी फैसला लिया गया है, जिससे किसानों को बीज से लेकर बाजार तक एक छत के नीचे सारी सुविधाएं मिल सकेंगी।
कृषि के क्षेत्र में वैश्विक पहचान
कृषि मंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में राजनाथ सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज भारत का वैश्विक सम्मान बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि रायसेन से 47 देशों में बासमती चावल का निर्यात हो रहा है, जिससे भारत की कृषि के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बन रही है।
कार्यक्रम का उद्देश्य
इस महोत्सव में करीब 4,000 किसानों ने पंजीयन कराया है, और इसे किसानों के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया गया है, जिसमें उन्हें कृषि के नए आयाम और विधियों की जानकारी दी जा रही है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को नए तकनीकी उपायों, उन्नत बीज, फसल प्रबंधन, और बाजार व्यवस्था से परिचित कराना है, ताकि वे अपनी कृषि आय में वृद्धि कर सकें।
कृषि महोत्सव में शामिल प्रमुख वक्ता
कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, और डॉ. मोहन यादव ने भाग लिया। नेताओं ने किसानों को उन्नत कृषि तकनीक को अपनाने की अपील की, जिससे भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकें।
कृषि के क्षेत्र में बदलाव
इस कार्यक्रम से यह साफ है कि भारत में कृषि के क्षेत्र में बदलाव की दिशा में बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। कृषि तकनीक, विपणन रणनीतियां, और नवाचार से जुड़े कई पहलुओं पर कार्य किया जा रहा है, ताकि भारतीय किसान प्रौद्योगिकी का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर हो सकें।

More Stories
विंग कमांडर विपुल यादव की आत्महत्या: पत्नी पर प्रताड़ना का आरोप, FIR दर्ज
BPCL कर्मचारी की संदिग्ध मौत, घर में मिला शव, कलाई की नस कटी हुई
मंत्री केदार कश्यप के ओएसडी बनाए गए शैलाभ साहू, राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी को मिली बड़ी जिम्मेदारी