May 5, 2026

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MP में अंबेडकर जयंती के लिए 8 से 14 अप्रैल तक राज्यव्यापी कार्यक्रम, CM यादव ने की घोषणा


भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की है कि राज्य में 8 अप्रैल से 14 अप्रैल तक डॉ. बी.आर. अंबेडकर की जयंती मनाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ये कार्यक्रम राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर होंगे और भिंड में राज्य-स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री यादव ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक से पहले मंत्रिपरिषद को संबोधित करते हुए इस आयोजन के विवरण की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री की अहम घोषणाएं:

  1. अंबेडकर जयंती के कार्यक्रम:
    • 8 अप्रैल से 14 अप्रैल तक राज्यभर में आयोजित किए जाएंगे।
    • जिला मुख्यालयों के साथ-साथ सभी विकास खंड स्तरों पर भी कार्यक्रम होंगे।
    • मुख्यमंत्री ने प्रभारी मंत्रियों को अपने जिलों में कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
  2. सामाजिक समरसता कार्यक्रम:
    • संत रविदास जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में 31 मार्च 2027 तक सामाजिक समरसता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
    • इन कार्यक्रमों की रूपरेखा जिला स्तर पर तैयार की जाएगी और मंत्रियों को प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर भी जोर:

मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश के लिए हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मंजूर की गई कई चार-लेन सड़क परियोजनाओं पर भी चर्चा की। इनमें शामिल हैं:

  • NH-46 का इटारसी-बैतूल खंड पर 22 किलोमीटर लंबा ‘टाइगर कॉरिडोर’ (758 करोड़ रुपये का अनुमानित लागत)।
  • दक्षिणी बाईपास (15.6 किलोमीटर लंबा), जो निवाड़ी (मध्य प्रदेश) को उत्तर प्रदेश के झांसी से जोड़ेगा।
  • बंगाय खास-ओरछा तिगेला खंड और NH-44 तथा NH-39 को जोड़ने वाली लिंक रोड

ये परियोजनाएं राज्य में व्यापार, आर्थिक गतिविधियों और पर्यटन को बढ़ावा देने में सहायक होंगी। मुख्यमंत्री ने इन मंजूरियों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया।

उज्जैन में महाकाल सम्मेलन:

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने उज्जैन में हाल ही में आयोजित ‘महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम’ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की जानकारी भी साझा की। इस सम्मेलन में खगोलविदों और वैज्ञानिकों ने भारतीय समय गणना प्रणालियों के वैज्ञानिक आधार और ऐतिहासिक महत्व पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन ऐतिहासिक रूप से समय गणना का प्रमुख केंद्र रहा है, और अब इसे वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।