रायपुर (कांकेर): अवैध रेत खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कांकेर जिले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू की है। कलेक्टर श्री क्षीरसागर के निर्देशों के तहत टॉस्क फोर्स ने चालू वित्तीय वर्ष में 99 मामलों में 99 वाहनों को जब्त किया और 27 लाख 65 हजार रुपए की वसूली की है। यह कार्रवाई जिले में अवैध गतिविधियों को रोकने और खनिज संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है।
खनिज अधिकारी का बयान:
खनिज अधिकारी ने बताया कि जिले में वर्तमान में कुल 15 रेत खदानें संचालित हैं, जो चारामा और दुर्गकोंदल विकासखंड के विभिन्न ग्राम पंचायतों और स्व-सहायता समूहों के माध्यम से चलाई जा रही हैं। इन खदानों के संचालन के अलावा, 16 अस्थायी रेत भंडारण लाइसेंस भी जारी किए गए हैं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में रॉयल्टी और प्रीमियम वसूली:
इस वित्तीय वर्ष में रेत खनन और परिवहन से 76 लाख 62 हजार 572 रुपए की रॉयल्टी और 1 करोड़ 56 लाख 89 हजार 208 रुपए का प्रीमियम प्राप्त हुआ है। इसके अलावा, 2019-20 और 2020-21 के दौरान 1 करोड़ 36 लाख रुपए की रॉयल्टी राशि ग्राम पंचायतों को वितरण हेतु जिला पंचायत को उपलब्ध कराई जा रही है।
अवैध खनन और भंडारण पर कार्रवाई:
- अवैध भंडारण: 13 प्रकरणों में 9 लाख 81 हजार रुपए की वसूली की गई।
- अवैध खनन: 5 मामलों में 5 मशीन और 4 वाहन जब्त कर 7 लाख 45 हजार रुपए की वसूली की गई।
- हाल ही में प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए 7 वाहन और 5 मशीनें भी जब्त की गईं।
जिला प्रशासन की निरंतर निगरानी:
जिला प्रशासन द्वारा रेत खदानों के संचालन को नियमानुसार सुनिश्चित करने के लिए सतत निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण को रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, ताकि स्थानीय संसाधनों का सही तरीके से उपयोग हो सके और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

More Stories
सुदूर पूर्व और दक्षिण-पूर्व क्षेत्रों में अब ‘राष्ट्रवादी राजनीति’ मुख्यधारा का हिस्सा बनी : लता उसेण्डी
पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा एवं एनडीए की ऐतिहासिक जीत ‘नए भारत’ के संकल्प की विजय : किरण देव
विकास, सुशासन और राष्ट्रहित के पक्ष में ऐतिहासिक जनादेश: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय