कोरबा, छत्तीसगढ़: कोरबा जिले में एक अस्पताल कर्मी की मौत उस समय हुई जब उसे सरपंच द्वारा मारी गई पिटाई का सामना करना पड़ा। यह घटना एक बड़ा विवाद बन गई है, जिसके चलते परिजनों और अस्पताल के कर्मचारियों ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
घटना का विवरण
- मृतक बाल कृष्ण चनईया कोरबा जिले के एक अस्पताल में काम करते थे। उनकी बड़ी बेटी लक्ष्मी ने बताया कि उनके पिता को ड्यूटी के दौरान सरपंच जयवीर सिंह ठाकुर ने बेरहमी से पीटा था, जिसके चलते उनकी मौत हो गई।
- मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि सरपंच का गुस्सा बेकाबू हो गया था, और उन्होंने अस्पताल में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए न केवल उनके पिता की पिटाई की, बल्कि उनके साथ मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न भी किया।
- इस घटना के बाद अस्पताल कर्मचारी भी गुस्से में आ गए और उन्होंने पोस्टमॉर्टम कक्ष और मुख्य गेट को बंद कर दिया, जिससे पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया ठप हो गई।
अस्पताल में हंगामा
- कोरबा जिले के जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल के कर्मचारियों ने आरोपी सरपंच की गिरफ्तारी की मांग करते हुए पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया को रोक दिया।
- अस्पताल में रखी हुई लाशों का पोस्टमॉर्टम भी कर्मचारियों के अभाव में नहीं हो पा रहा है, जिससे वहां अफरातफरी का माहौल बना हुआ है।
- अस्पताल कर्मियों का कहना है कि जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, वे अपनी ड्यूटी पर वापस नहीं लौटेंगे।
पुलिस कार्रवाई
- इस मामले में कोरबा पुलिस ने शिकायत दर्ज की है और आरोपी सरपंच के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
- गोपाल कंवर, संयुक्त संचालक जिला मेडिकल कॉलेज ने इस घटना की गंभीरता को स्वीकारते हुए कहा कि पुलिस को पहले ही घटना के बारे में सूचित कर दिया गया है, और जांच जारी है।
गिरफ्तारी की मांग
- मृतक के परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों ने आरोपी जयवीर सिंह ठाकुर की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। उनका कहना है कि सरपंच का व्यवहार अस्वीकार्य है और इस घटना के बाद उसे सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।

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