May 5, 2026

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MP में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुआ नुकसान, CM ने राहत कार्यों के लिए दिए सख्त निर्देश!

मध्य प्रदेश: बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि, और तेज़ हवाओं ने राज्य के किसानों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस अप्रत्याशित मौसम के कारण ग्वालियर-चंबल संभाग के साथ-साथ राजगढ़, रायसेन, और बैतूल जिलों में फसलों को भारी नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस स्थिति का त्वरित संज्ञान लेते हुए प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों के लिए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं।

प्रभावित क्षेत्र और फसलें:

अधिकारियों के अनुसार, ग्वालियर-चंबल संभाग और अन्य प्रभावित जिलों में गेहूं, चना, और सरसों की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। तेज़ बारिश और ओलावृष्टि के कारण कई खेतों में पानी जमा हो गया, जिससे फसल की कटाई और गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ा है। गेहूं की चमक भी फीकी पड़ गई है, जो किसानों की आमदनी को प्रभावित कर सकती है।

मुख्यमंत्री का निर्देश:

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कलेक्टरों को प्रभावित इलाकों में जाकर नुकसान का आकलन करने और किसानों को तत्काल राहत मुहैया कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुश्किल समय में किसानों के साथ खड़ी है और प्रभावित किसानों को प्रभावी और त्वरित सहायता दी जाएगी।

किसान संघ की प्रतिक्रिया:

भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह अंजना ने सरकार से तत्काल राहत की अपील करते हुए कहा कि सरकार को गेहूं की खरीद MSP (मिनिमम सपोर्ट प्राइस) पर सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि ओलावृष्टि के कारण गेहूं की गुणवत्ता में गिरावट आई है, लेकिन इसका असर किसानों की आमदनी पर नहीं होना चाहिए।

अंजना ने आगे कहा कि रीवा, पन्ना, सतना, और ग्वालियर क्षेत्र में कटाई अभी भी जारी है और वहां की फसलें बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित हुई हैं। ऐसे में किसान सुरक्षा और उन्हें उचित मूल्य मिलना बेहद जरूरी है।

सरकार द्वारा उठाए गए कदम:

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे फसल कटाई और खरीद प्रक्रिया में कोई रुकावट न आने दें। इसके साथ ही, उन्होंने किसानों के लिए आर्थिक मदद और फसल क्षति के लिए फंड जारी करने का आदेश भी दिया है।

राहत कार्य और प्रशासन की तैयारी:

स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत वितरण और फसल कटाई में सहयोग देने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित किसानों को बीमा क्लेम, फसल क्षति का आकलन, और सरकारी योजनाओं के तहत मदद दी जाएगी।

किसानों के लिए उम्मीद की किरण:

इस वक्त किसान मुश्किलों का सामना कर रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री के निर्देश और प्रशासन की तत्परता से उम्मीद जताई जा रही है कि प्रभावित किसान जल्द राहत प्राप्त करेंगे और उनकी फसल और आय सुरक्षित रहेगी।