April 1, 2026

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मसाला क्षेत्र विस्तार योजना से बढ़ रहा मसाले की खेती में रुचि, किसानों की आय में भी हो रही वृद्धि

निरंजन पटेल की सफलता की कहानी: मसाला खेती से बेहतर आय और खेती में नवाचार

महासमुंद: छत्तीसगढ़ के पिथौरा विकासखंड के ग्राम कसहीबाहरा के प्रगतिशील किसान निरंजन पटेल ने मसाला क्षेत्र विस्तार योजना के तहत धनिया की खेती को अपनाकर अपने कृषि व्यवसाय में नई ऊंचाइयां हासिल की हैं। पहले धान की पारंपरिक खेती करने वाले निरंजन को कम उत्पादन और अधिक लागत जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब उन्होंने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत धनिया की खेती शुरू की है, जो न केवल उनकी आय बढ़ाने में मदद कर रहा है, बल्कि उनके जैसे अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है।

नवाचार और आधुनिक तकनीक का उपयोग

निरंजन पटेल ने अपनी 0.40 हेक्टेयर भूमि में उन्नत किस्मों के कस्तूरी धनिया और अंकुर धनिया का उत्पादन शुरू किया। इसके साथ ही उन्होंने ड्रिप सिंचाई प्रणाली का इस्तेमाल किया, जो जल की बचत के साथ-साथ फसल की गुणवत्ता में भी सुधार लाया। इस तकनीकी कदम से निरंजन को फसल के उत्पादन में वृद्धि और सिंचाई की लागत में कमी आई।

किसान को मिला अनुदान और आय में वृद्धि

उद्यानिकी विभाग द्वारा 8000 रुपये का अनुदान उन्हें डीबीटी के माध्यम से प्रदान किया गया, जिससे उन्होंने अपनी खेती की शुरुआत की। पहले जहां वे धान की खेती से 21 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन और 30,000 रुपये की आय प्राप्त करते थे, वहीं अब धनिया की खेती से 35 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं, और उनकी कुल आय बढ़कर 50,000 रुपये प्रति एकड़ हो गई है।

निरंजन पटेल अब अपनी उपज का विक्रय पिथौरा और बागबाहरा मंडियों में करते हैं, और वे अपने कृषि कार्य से अत्यंत संतुष्ट हैं। उनके इस सफलता की कहानी ने आसपास के अन्य किसानों को भी प्रभावित किया है, और अब वे भी उद्यानिकी फसलों, खासकर धनिया जैसी नगदी फसलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

अगला कदम: आदर्श बनने की दिशा में

निरंजन पटेल की सफलता यह दिखाती है कि मसाला क्षेत्र विस्तार योजना के माध्यम से, पारंपरिक खेती से अधिक लाभकारी और कम जोखिम वाली खेती में बदलाव किया जा सकता है। सरकार द्वारा दिए जा रहे अनुदान और योजनाओं से किसानों को ना सिर्फ आर्थिक सहायता मिलती है, बल्कि उनके उत्पादन में भी गुणात्मक सुधार होता है।