धमतरी। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देशानुसार खाद्य विभाग की टीम द्वारा आज कुरूद स्थित मेसर्स अमृत एग्रोटेक राइस मिल में आकस्मिक निरीक्षण किया, जिसमें बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं।
जांच के दौरान पाया गया कि खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में फर्म द्वारा कस्टम मिलिंग हेतु 1,27,999.9 क्विंटल धान का अनुबंध किया गया था, जिसके विरुद्ध 1,11,584.5 क्विंटल धान का उठाव किया गया। इस उठाव के आधार पर 76,346.26 क्विंटल चावल जमा किया जाना था, लेकिन फर्म द्वारा मात्र 34,970.02 क्विंटल चावल ही जमा किया गया है। इस प्रकार 41,376.24 क्विंटल चावल जमा करना अभी शेष है।
भौतिक सत्यापन के दौरान मिल परिसर में 54,715 क्विंटल धान की कमी भी पाई गई, जो गंभीर अनियमितता को दर्शाता है। इसके अलावा, जांच के समय संचालक द्वारा बी-1 दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया और न ही खाद्य विभाग को मासिक विवरणी दी गई। मिल परिसर में स्टॉक बोर्ड भी प्रदर्शित नहीं पाया गया। उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 की विभिन्न कंडिकाओं तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 का स्पष्ट उल्लंघन है। इस संबंध में प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जांच दल में सहायक खाद्य अधिकारी श्री भेलेन्द्र कुमार ध्रुव, खाद्य निरीक्षक निलेश चन्द्राकर एवं श्रीमती नीतू सिंह नेताम शामिल रहे।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा है कि पंजीकृत राइस मिलरों द्वारा कस्टम मिलिंग के कार्य में लापरवाही, निर्धारित समय में चावल जमा नहीं करने अथवा धान उठाव में अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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