May 5, 2026

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फर्जी सेल कंपनियों के नाम पर 106 करोड़ का मिनरल घोटाला, कई कंपनियां जांच के दायरे में

मिनरल घोटाला रायगढ़ महासमुंद


रायगढ़/महासमुंद: रायगढ़ और महासमुंद में फर्जी सेल कंपनियों के नाम पर 106 करोड़ रुपये के मिनरल घोटाले का खुलासा हुआ है। पुलिस और जांच एजेंसियों की तफ्तीश में कई कंपनियों और व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आ रही है। इस घोटाले के तहत अवैध तरीके से स्पंज आयरन का परिवहन और फर्जी बिलिंग की जा रही थी।

घोटाले का खुलासा कैसे हुआ?

25 फरवरी 2026 को एक मुखबिर से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने ट्रकों क्रमांक सी जी 04 जेसी 4585 और सीजी 07 एवी 5290 के जरिए अवैध स्पंज आयरन परिवहन करते हुए दो ड्राइवरों सोनूलाल मोंगरे और रामेश्वर मानिकपुरी को पकड़ा। जब उनसे दस्तावेज मांगे गए, तो वे उन्हें प्रस्तुत करने में असमर्थ रहे, जिसके बाद पुलिस ने धारा 106 बीएनएसएस के तहत माल को जब्त कर लिया।

आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच

मामले की अग्रिम जांच में यह पता चला कि आरोपी रंजीत सिंह नामक व्यक्ति ने फर्जी बिलों का सहारा लेकर स्पंज आयरन का अवैध भंडारण और परिवहन किया था। रंजीत सिंह और उनके सहयोगियों ने लोहराचट्टी से रायपुर उरला तक इस मिनरल को ट्रांसपोर्ट किया था।

जब इस संदर्भ में पूछताछ की गई, तो यह जानकारी सामने आई कि एक इस्पात कंपनी के संचालक तारक घोष और उनके सहयोगियों ने फर्जी बिल जारी किए थे। तारक घोष को 8 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया गया।

घोटाले का अनुमानित धनराशि 106 करोड़ रुपये

इस पूरे मामले की जांच के दौरान यह पाया गया कि मिनरल घोटाले का अनुमानित मूल्य 106 करोड़ रुपये से अधिक है। आरोपियों ने फर्जी इनवॉइसिंग के जरिए स्पंज आयरन का अवैध व्यापार किया और हवाला लेनदेन का भी खुलासा हुआ है।

फर्जी सेल कंपनियां और कामकाजी मजदूरों के नाम पर घोटाला

घोटाले के मुख्य आरोपियों ने मासिक वेतन पर काम करने वाले तीन मजदूरों के नाम पर फर्जी सेल कंपनियां बनाई थीं। इसके जरिए फर्जी इनवॉइसिंग के माध्यम से स्पंज आयरन का व्यापार किया जाता था। इसके साथ ही हवाला लेन-देन का भी कारोबार किया जा रहा था, जिससे कंपनियां और नए आरोपी जांच के दायरे में आ सकते हैं।

जांच की प्रक्रिया और भविष्य की कार्रवाई

प्रकरण में विशेष टीम गठित की गई है जो इस मामले के अन्य पहलुओं की जांच करेगी। पुलिस और जांच एजेंसियां इस घोटाले से जुड़े नए आरोपियों और कंपनियों की पहचान करने के लिए सक्रिय हैं।


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