सोने की कीमतों में सुस्ती:
वर्तमान में, जबकि वैश्विक स्तर पर कई संघर्षों और युद्धों के बीच आर्थिक अनिश्चितता का माहौल है, सोने की कीमतों में कोई खास बढ़ोतरी नहीं देखने को मिल रही है। इसके उलट, पिछले कुछ दिनों में गोल्ड की कीमतों में गिरावट आई है। आइए जानते हैं कि सोने की कीमतों में यह सुस्ती क्यों आई है, और इसके पीछे क्या वजहें हैं।
युद्ध का सोने की कीमतों पर असर:
मामूली तेजी के बावजूद गिरावट:
ईरान और अमेरिका के बीच 28 फरवरी 2026 को युद्ध शुरू होने के बाद, सोने की कीमतों में मामूली बढ़त हुई। 27 फरवरी 2026 को सोने का भाव 159097 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो युद्ध के बाद थोड़ा घटकर 158399 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। हालांकि, इस दौरान कोई महत्वपूर्ण उछाल नहीं देखने को मिला।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट:
युद्ध के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने की वजह से क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी उछाल आया। WTI क्रूड ऑयल का रेट 60 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जिससे महंगाई का खतरा बढ़ गया। यह प्रभाव सोने की कीमतों पर पड़ा, लेकिन सोने में वह तेज़ी नहीं आई जैसी अपेक्षाएं थीं।
क्यों नहीं बढ़ रहे सोने के दाम?
डॉलर की ताकत:
एक महत्वपूर्ण कारण जो सोने की कीमतों में सुस्ती का कारण बन रहा है, वह है डॉलर की ताकत। वैश्विक निवेशक इस समय सुरक्षित निवेश के तौर पर डॉलर को प्राथमिकता दे रहे हैं। पिछले कुछ हफ्तों में डॉलर की वैल्यू में वृद्धि हुई है, और इसका प्रभाव सोने की कीमतों पर दिख रहा है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोने की कीमतें स्थिर रहती हैं या गिर जाती हैं, क्योंकि सोना आमतौर पर डॉलर के मुकाबले कम होता है।
महंगाई और क्रूड ऑयल:
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और युद्ध के चलते क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल आया, जिससे महंगाई का खतरा और बढ़ गया। हालांकि, इसका असर सोने पर बहुत ज्यादा नहीं पड़ा, क्योंकि निवेशक अधिकतर डॉलर में विश्वास कर रहे हैं। महंगाई के बावजूद, सोने की कीमतों में कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं देखी जा रही है।
आने वाले समय में सोने की कीमतें कहां जा सकती हैं?
सोने की कीमतें भविष्य में किस दिशा में बढ़ सकती हैं, यह कई कारकों पर निर्भर करेगा:
बिकवाली की संभावना:
अगर अगले कुछ समय में बिकवाली होती है, तो सोने की कीमतें 5 से 20 प्रतिशत तक सस्ती हो सकती हैं। यह तब संभव है जब निवेशक अपनी संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए सोने में ज्यादा निवेश न करें।
आर्थिक मंदी और वैश्विक तनाव:
अगर वैश्विक स्तर पर आर्थिक मंदी बढ़ती है और तनाव बढ़ता है, तो सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है। इस स्थिति में सोना एक सुरक्षित निवेश के रूप में उभर सकता है। ऐसे में, इस साल के अंत तक सोने के भाव में 15 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

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