April 17, 2026

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DMF घोटाला: सतपाल सिंह छाबड़ा गिरफ्तार, ACB-EOW ने 6 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) घोटाले मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो-आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ACB-EOW) ने एक और अहम गिरफ्तारी की है। जांच एजेंसी ने आरोपी सतपाल सिंह छाबड़ा को हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश किया, जहां से अदालत ने उसे पूछताछ के लिए 6 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। रिमांड अवधि 25 फरवरी तक प्रभावी रहेगी। जांच एजेसी के अनुसार, डीएमएफ फंड से संचालित कृषि अनुदान से जुड़े कार्यों की विवेचना के दौरान कई महत्वपूर्ण साक्ष्य और दस्तावेज सामने आए हैं। इन साक्ष्यों के आधार पर यह पाया गया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया गया, जिससे शासन को गंभीर आर्थिक क्षति पहुंची। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपी ने कथित सिंडिकेट के साथ मिलकर कार्यों को अंजाम दिया, जिसमें कुछ शासकीय अधिकारी, कर्मचारी और व्यापारी भी शामिल बताए जा रहे हैं।

एजेंसी का कहना है कि कृषि योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए तय मानकों की अनदेखी की गई और वित्तीय अनियमितताओं को अंजाम दिया गया। आरोप है कि आरोपी ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत कई करोड़ रुपये की अवैध कमीशन राशि नगद तथा अपने नातेदारों के बैंक खातों के माध्यम से प्राप्त की। जांच के दौरान वित्तीय लेन-देन, डिजिटल साक्ष्य और संबंधित अभिलेखों की गहन पड़ताल की गई, जिससे आरोपी की संलिप्तता के पर्याप्त प्रमाण मिलने का दावा किया गया है। ACB-EOW ने विधि-सम्मत कार्रवाई करते हुए सतपाल सिंह छाबड़ा को विधिवत गिरफ्तार कर 19 फरवरी को न्यायालय में प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष की दलीलों और केस डायरी में उल्लेखित तथ्यों को देखते हुए अदालत ने आरोपी को 25 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया, ताकि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित नेटवर्क की कड़ियों की विस्तार से जांच की जा सके।

जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि प्रकरण में शामिल अन्य व्यक्तियों और संबंधित वित्तीय लेन-देन की भी गहन जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ कर फंड के उपयोग, कथित कमीशन की प्रकृति, और लेन-देन की श्रृंखला से जुड़े तथ्यों का सत्यापन किया जाएगा। साथ ही, डिजिटल डिवाइस, बैंकिंग ट्रेल और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। डीएमएफ घोटाले को लेकर राज्य में पहले से ही व्यापक चर्चा है। ऐसे में ACB-EOW की यह ताजा कार्रवाई मामले की जांच को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। एजेंसी का कहना है कि भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराधों के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की नीति के तहत निष्पक्ष एवं साक्ष्य-आधारित जांच सुनिश्चित की जा रही है।