मध्यप्रदेश सरकार में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट बेश किया। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए प्रस्तुत किए गए बजट में ‘यशोदा’ और ‘द्वारिका’ नाम से दो नई योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना के अंतर्गत बच्चों को अतिरिक्त पोषण के लिए टेट्रा पैक में दूध प्रदान किया जाएगा। 2026-27 में इस योजना के तहत 80 लाख विद्यार्थियों को दुग्ध पैकेट बांटने का लक्ष्य है। आने वाले पांच सालों में इस योजना का आकार 6 हजार 600 करोड़ रुपए है, जिसमें से इस बजट में 700 करोड़ रुपए का प्रावधान प्रस्तावित है।
प्रदेश के नगरीय निकायों में वार्ड स्तर पर अधोसंरचना विकास को गति देने के लिए द्वारिका नगर योजना प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत आगामी 3 साल में 5 हजार करोड़ का निवेश लक्षित है। नगरीय क्षेत्रों में आवास हेतु 2 हज़ार 316 करोड़, नगरों की सड़क मरम्मत के लिए 349 करोड़, अमृत 2.0 में 3 हजार 467 करोड़ और नगरीय निकायों को मूलभूत सेवाओं हेतु एकमुश्त अनुदान अंतर्गत 2026-27 में 1 हज़ार 57 करोड़ रुपए का प्रावधान प्रस्तावित है।
यशोदा क्यों रखा गया योजना का नाम
वहीं इन दोनों योजनाओं के नामकरण के संदर्भ में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि मां यशोदा ने कन्हैया को दूध पिला कर बलवान किया, हम भी चाहेंगे कि कृष्ण बलराम स्कूल स्कूल में दूध पीकर हृष्ट-पुष्ट हों। द्वारिका की नगरी के आनंद सबने देखे ही हैं। ऐसे में नगरीय विकास विभाग की ये नई योजना देकर सभी प्रकार के विकास कार्यों का सरकार ने काम किया है।
बजट प्रस्ताव में वन भूमि से अतिक्रमण हटाकर पौधरोपण के लिए नई समृद्धि वन योजना, लकड़ी की जरूरत पूरी करने और आय बढ़ाने निजी भूमि पर पौधारोपण की कृषि वानिकी योजना और आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के वन संरक्षण हेतु जनजातीय देव लोक वनों की संरक्षण योजना शुरु करने की घोषणा की गई है।

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