हेल्दी रहना है तो खूब फल-सब्जियां खानी चाहिए। इस बात में अब उतनी सच्चाई रही नहीं है क्योंकि आजकल फलों और सब्जियों में भी इतने केमिकल मिलाए जाते हैं कि सेहत को फायदा कम नुकसान ज्यादा होता है। डॉ शालिनी सिंह सालुंके एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए बताती हैं कि आजकल सिर्फ दूध या पनीर ही मिलावटी नहीं है, बल्कि सब्जियां भी ऐसी ही आ रही हैं। इनमें केमिकल्स की मिलावट के चलते सेहत के लिए ये जहरीली साबित हो रही हैं। अगर आप डेली बेसिस पर ये सब्जियां खा रहे हैं तो लिवर, गट और हार्मोन सब डैमेज हो रहे हैं। साथ ही कैंसर का रिस्क भी बढ़ रहा है। डॉक्टर ने ऐसी 5 सब्जियों की लिस्ट बताई है, जिन्हें लाने से पहले चेक करना बेहद जरूरी है।
पालक में इस्तेमाल हो रही सिंथेटिक डाई
हम जब भी मार्केट में जाते हैं तो ब्राइट हरे रंग का पालक सिलेक्ट करते हैं, क्योंकि ये ज्यादा फ्रेश और हेल्दी लगता है। जबकि सच्चाई कुछ और भी हो सकती है। डॉ शालिनी कहती हैं कि पालक को ब्राइट हरा रंग देने के लिए आजकल सिंथेटिक डाई का इस्तेमाल काफी ज्यादा होता है। इसलिए इसे पानी में अच्छे से रगड़-रगड़कर धोएं। अगर पानी का कलर भी हरा हो रहा है तो समझ लें इसमें डाई का इस्तेमाल किया गया है।
टमाटर को जल्दी पकाने के लिए यूज होती है गैस
डॉ शालिनी बताती हैं कि आजकल मार्केट में मिलने वाले ज्यादातर टमाटरों को नेचुरली पकने नहीं दिया जाता है। इन्हें जल्दी पकाने के लिए केमिकल गैस जैसे एथिलीन का इस्तेमाल किया जाता है। ये टमाटर बाहर से तो एकदम लाल दिखते हैं लेकिन अन्दर से कच्चे, पीले और कड़वे स्वाद वाले होते हैं। इसलिए बहुत ज्यादा चमकदार लाल टमाटर लेने से बचें।
चमकती सफेद फूलगोभी लेने से बचें
फूलगोभी को सफेद और ताजा दिखाने के लिए वाइटनिंग केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है। ये केमिकल शरीर के लिए काफी टॉक्सिक हो सकते हैं। लिवर, गट और हार्मोन सभी पर इनका नेगेटिव असर पड़ता है। डॉक्टर कहती हैं कि अगर आपको मार्केट में बहुत ज्यादा सफेद और चमकदार फूलगोभी दिखती है तो समझ जाएं इसमें कुछ तो गड़बड़ है।
मटर के हरे रंग में हो रहा केमिकल का इस्तेमाल
मटर का रंग जितना हरा होता है वो इतनी ही फ्रेश लगती है। लेकिन डॉ शालिनी बताती हैं कि आमतौर पर ये रंग हरा केमिकल स्प्रे करने से आता है। अगर आप मटर उबाल रहे हैं और उसका पानी जरा भी हरे रंग का हो रहा है तो समझ लें इसमें वही सिंथेटिक डाई का इस्तेमाल किया गया है।
केमिकल से आती है भिंडी की चमक
डॉ शालिनी के अनुसार आजकल मार्केट में मिलने वाली भिंडी को ज्यादा फ्रेश और चमकदार दिखाने के लिए उस पर वैक्स या केमिकल की कोटिंग की जाती है। ऐसी भिंडी देखने में ज्यादा ताजी, हरी और चमकदार लगती है लेकिन सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है। इसलिए भिंडी खरीदते समय इस बात का ध्यान रखें कि वह जरूरत से ज्यादा चमकदार और चिकनी ना हो।
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल कंडीशन से जुड़े सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

More Stories
मल्हार नगर पंचायत में सत्ता का अहंकार: अध्यक्ष ने उपाध्यक्ष को थप्पड़ मारा, CMO से बदसलूकी का वीडियो भी वायरल!
छत्तीसगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों में 700 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू, यहां देखें पूरी डिटेल
दुर्ग में अफीम की खेती मामले में बड़ी कार्रवाई, कृषि विस्तार अधिकारी निलंबित, पटवारी और सर्वेयर पर गाज