गरियाबंद। जिला मुख्यालय स्थित सोमेश्वर हॉस्पिटल में इलाज के दौरान ऑक्सीजन की कमी से मरीज की मौत के मामले में सीएमएचओ ने चार सदस्यीय विशेषज्ञ जांच समिति का गठन किया है, जिसे 36 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएमएचओ द्वारा गठित इस समिति में सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. हरीश चौहान, निश्चेतन विशेषज्ञ डॉ. योगेंद्र कुमार पात्रे, डॉ. गजेंद्र ध्रुव और डॉ. सुनील रेड्डी को शामिल किया गया है। यह टीम नर्सिंग होम एक्ट के तहत पूरे मामले की सूक्ष्म जांच करेगी। सीएमएचओ ने बताया कि सोमेश्वर हॉस्पिटल को अस्थि रोग (हड्डी संबंधी) जांच और इलाज का लाइसेंस नहीं दिया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतक मरीज की पसली टूटी हुई थी, इसके बावजूद अस्पताल द्वारा जांच और उपचार किया गया, जो नियमों का उल्लंघन है। बिना वैध लाइसेंस के इस तरह की जांच को गंभीर लापरवाही माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार मरीज को रेफर किए जाने के बाद एंबुलेंस में ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, जिससे रास्ते में ही मरीज की मौत हो गई। इस पूरे घटनाक्रम की जांच समिति द्वारा तथ्यात्मक पड़ताल की जाएगी।

More Stories
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मैनपाट की पेयजल समस्या पर लिया त्वरित संज्ञान, तुरंत दिए निर्देश
Bengal CM 2026: BJP भी महिला मुख्यमंत्री चुन सकती है? 9 मई को शपथ ग्रहण
IPL 2026 प्लेऑफ्स शेड्यूल: फाइनल अहमदाबाद में, धर्मशाला और न्यू चंडीगढ़ में क्वालीफायर मैच