भोपाल,कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने बसंत पंचमी और जुमे की नमाज एक ही दिन पड़ने पर मध्य प्रदेश सरकार और प्रशासन से अपील की है कि धार भोजशाला में सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) के पुराने नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। उन्होंने कहा कि पहले भी तो ऐसी स्थितियां आई हैं जिसमें आपसी तालमेल से त्योहार मनाए गए हैं। एएसआई के पुराने नियमों के तहत पूजा और नमाज के लिए अलग-अलग समय तय किए गए हैं।
पहले से प्रशासन करता आया है इंतजाम
दिग्विजय सिंह ने एक्स पर अपने एक पोस्ट में कहा कि इस साल बसंत पंचमी का त्योहार शुक्रवार को पड़ रहा है। इसी दिन जुमे की नमाज भी है। भोजशाला में हिन्दू और मुस्लिम पक्ष दोनों ही नमाज और पूजापाठ करते रहे हैं। केंद्र सरकार के फैसले के तहत धार जिला प्रशासन शांति से दोनों पक्षों से मिल कर ऐसा करने की व्यवस्था करता आया है।
दिलाई पुराने नियमों की याद
दिग्विजय सिंह ने इस बारे में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के पुराने नियमों की याद दिलाते हुए कहा कि मैं प्रशासन और मध्य प्रदेश सरकार से यह कहना चाहूंगा कि एएसआई की ओर से 2003, 2013 और 2016 में पहले ही ऐसी स्थिति पर आदेश स्पष्ट कर चुका है। इस नियम के तहत जब भी कभी बसंत पंचमी का त्योहार और शुक्रवार की नमाज साथ होती है तो बसंत पंचमी की पूजा सूर्योदय से लेकर 1 बजे तक और उसके बाद 3:30 बजे से सूर्यास्त तक की जाएगी।
पूर्व के आदेश का पालन कराने की मांग
दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि एएसआई के पुराने नियम ऐसी व्यवस्था देते हैं कि परिसर को दोपहर 1 बजे से 3 तक के लिए जुमे की नमाज के लिए छोड़ा जाएगा। इस स्थिति में राज्य सरकार और प्रशासन की यह जिम्मेदारी है एएसआई के पूर्व के आदेश का पालन किया जाए। कांग्रेस नेता ने धार में अमन शांति के लिए सांप्रदायिक उन्माद और अफवाह फैलाने वालों पर सख्त ऐक्शन लिए जाने की मांग की है।
सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील
दिग्विजय सिंह ने अंत में कहा कि मैं सभी हिन्दू मुसलमान भाइयों से सांप्रदायिक सौहार्द बनाये रखने की अपील करता हूं। हमारा मध्य प्रदेश अमन का प्रतीक है। ऐसे में मध्य प्रदेश सरकार और प्रशासन की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि इस अमन को कानूनी रूप से स्थापित किया जाए। सनद रहे हाल ही में आला प्रशासनिक अधिकारियों ने दोनों ही पक्षों के प्रतिनिधियों से उक्त मसले पर बातचीत की थी और व्यवस्था का खाका रखा था।

More Stories
उप मुख्यमंत्री अरुण साव की पहल से कांकेर जिले में विकास की नई लहर, ट्रामा सेंटर, वित्तीय साक्षरता लैब और आदिवासी संस्कृति संस्थान का लोकार्पण
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से छत्तीसगढ़ में विद्युत व्यवस्था को मिलेगी मजबूती, जशपुर और अन्य क्षेत्रों को बड़ी सौगात
छत्तीसगढ़ में तेज गर्मी में जनगणना ड्यूटी का विरोध, शिक्षकों ने उठाई ये मांगें: 43 डिग्री तापमान में डोर-टू-डोर सर्वे स्वास्थ्य के लिए खतरनाक