उज्जैन, उज्जैन में अब सड़क चौड़ीकरण से कई मकान और मंदिर प्रभावित हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि उज्जैन शहर के संदीपनी चौराहे से लेकर उद्यान मार्ग तक 80 फुट सड़क का चौड़ीकरण किया जा रहा है। इस वजह से एक दर्जन से अधिक मकानों के हिस्से अतिक्रमण के दायरे में आ रहे हैं जिन पर बुलडोजर एक्शन का जोखिम है। यही कारण है कि स्थानीय लोग और व्यापारी चौड़ीकरण के विरोध में आ गए हैं। शुक्रवार को लोगों ने एकजुट होकर विरोध किया।
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के चलते शहर के कई प्रमुख मार्गों को चौड़ा करने का काम किया जा रहा है। यही नहीं शिप्रा नदी पर 29 किलोमीटर लंबे पक्के घाट बनाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में नगर निगम ने सांदीपनि चौराहे से उदयन मार्ग तक सड़क चौड़ीकरण की तैयारी की है।
नगर निगम के प्रस्ताव के अनुसार, इस सड़क चौड़ीकरण की वजह से लगभग 26 मकानों पर असर पड़ेगा जिनके सामने का करीब 13 फीट का हिस्सा हटाया जा सकता है। इसके साथ ही रास्ते में आने वाले लगभग 16 मंदिर भी इसकी चपेट में आ रहे हैं, जिनके विस्थापन के लिए नगर निगम ने वैकल्पिक व्यवस्था की बात कही है। निगम का कहना है कि सड़क को चौड़ा करने का काम जनवरी के आखिरी दिनों या फरवरी की शुरुआत में शुरू किया जा सकता है।
निगम प्रशासन द्वारा सड़क पर मार्किंग करने के बाद स्थानीय व्यापारियों में भारी गुस्सा देखा गया। इसके विरोध में शुक्रवार को बड़ी संख्या में व्यापारी और निवासी सड़कों पर उतर आए और अपना विरोध दर्ज कराया। लक्ष्मी नगर चौराहे पर मंच बनाकर जमकर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की गई जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हुए।
व्यापारियों और निवासियों की मांग है कि अधिकारियों को इस मुद्दे पर उनसे बातचीत कर कोई सही रास्ता निकालना चाहिए। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि जिस सड़क को चौड़ा किया जा रहा है वहां न तो सिंहस्थ का मेला लगता है और न ही यातायात के हिसाब से सड़क को और चौड़ा करने की कोई जरूरत है।
शुक्रवार सुबह स्थानीय निवासी और व्यापारी सड़क पर प्रदर्शन करने उतर आए। उन्होंने मंच लगाकर नारेबाजी की और अपना विरोध जताया। इस दौरान इलाके की ज्यादातर दुकानें बंद रखी गईं और दुकानों पर सड़क चौड़ीकरण के विरोध में पोस्टर भी लगाए गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन बिना किसी बातचीत और सही सर्वे के कार्रवाई कर रहा है जिससे लोगों में डर का माहौल है। प्रदर्शन में शामिल दिनेश पाटीदार ने कहा कि यह सड़क पहले से ही काफी चौड़ी है और यहां सिंहस्थ जैसी भीड़ भी नहीं होती।
व्यापारी प्रवीण जैन ने आरोप लगाया कि अब तक कोई सही सर्वे नहीं किया गया है और अधिकारी बार-बार गलत तरीके से नाप-जोख करके लोगों को मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस रास्ते को चौड़ा करने की कोई असल जरूरत नहीं है इसलिए प्रशासन का यह कदम समझ से बाहर है। इस बीच प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आने वाले समय में चक्काजाम किया जाएगा।

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