रायपुर। छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद चैतन्य बघेल रायपुर सेंट्रल जेल से करीब 170 दिन बाद रिहा हो गए हैं। जेल के बाहर कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता जुटे हैं। चैतन्य के स्वागत के लिए ढोल-नगाड़े बजाए जा रहे हैं।
चैतन्य की रिहाई से पहले भूपेश बघेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि 18 जुलाई को चैतन्य को उसके जन्मदिन पर गिरफ्तार किया गया था। आज पोते के जन्मदिन पर उसकी रिहाई हो रही है। भूपेश बघेल अपने बेटे को लेने के लिए पहुंचे हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और छत्तीसगढ़ एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB/EOW) की ओर से दर्ज केसों में मिली है। ED ने चैतन्य को पिछले साल जुलाई में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया था, जबकि भ्रष्टाचार के मामले में सितंबर में ACB ने उन्हें तब गिरफ्तार किया जब वे पहले से ही जेल में थे।
जांच एजेंसियों के अनुसार यह घोटाला 2019 से 2022 के बीच हुआ, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा। ED का आरोप है कि चैतन्य बघेल इस पूरे शराब सिंडिकेट के संरक्षक थे। उन्होंने करीब 1,000 करोड़ रुपए का लेन-देन व्यक्तिगत रूप से संभाला। इसके अलावा ACB का दावा है कि चैतन्य बघेल को हिस्से के तौर पर 200 से 250 करोड़ रुपए मिले और इस पूरे घोटाले की कुल रकम 3,200 करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकती है।

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