नई दिल्ली. दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ने आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका दिया है। एलजी ने चीफ सेक्रेटरी को ‘आप’ से 97 करोड़ रुपए वसूलने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी गाइडलाइंस का उल्लंघन करते हुए राजनीतिक विज्ञापनों को सरकारी विज्ञापन के तौर पर प्रकाशित कराने के आरोप के तहत यह वसूली आदेश दिया गया है।
एलजी कार्यालय की ओर से दी गई सूचना में कहा गया है कि चीफ सेक्रेटरी को सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए आदेश को लागू करने को कहा गया है और आम आदमी पार्टी से 97,14,69,137 रुपए की वसूल करने को कहा गया है। एलजी दफ्तर की ओर से कहा गया है कि सरकारी फंड का राजनीतिक दल के फायदे के लिए इस्तेमाल किया गया। यह सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेश का उल्लंघन भी है।
42,26,81,265 रुपए डीआईपी से रिलीज किया जा चुका है, जबकि 54,87,87,872 रुपए पेंडिंग है। 20 मार्च 2017 को भी आम आदमी पार्टी के संयोजक को सरकारी खजाने में 42,26,81,265 करोड़ रुपए जमा कराने को कहा गया था तो विज्ञापन एजेंसियों/प्रकाशनों का बकाया 54,87,87,872 भुगतान 30 दिन में करने का आदेश दिया गया था। 5 साल 8 महीने बीतने के बाद भी डीआईपी के आदेश का पालन नहीं किया गया है। एलजी ऑफिस की ओर से कहा गया है कि यह बेहद गंभीर है कि जनता के पैसे को सरकारी खजाने में जमा नहीं कराया गया है।
एलजी की ओर से यह आदेश ऐसे समय पर दिया गया है जब कई मुद्दों पर केजरीवाल सरकार के साथ राजभवन की तनातनी चल रही है। एलजी ने केजरीवाल सरकार के खिलाफ कई जांच के आदेश दिए हैं। जवाबी पटलवार में आप नेताओं ने एलजी पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। ऐसे में एक बार फिर दोनों पक्षों में घमासन तेज हो सकता है।

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