छत्तीसगढ़ के प्रशासन में बड़ा फेरबदल हुआ है। इसकी जद में भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय वन सेवा और राज्य प्रशासनिक सेवा के 21 अफसर आए हैं। दो जिलों के कलेक्टर बदल दिए गए हैं। प्रभावित होने वाले जिलों में धमतरी और नारायणपुर शामिल हैं। धमतरी से पदुम सिंह एल्मा का तबादला मंडी बोर्ड में हुआ है। वहीं मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसे समीर विश्नोई से पहले खनिज विभाग में संचालक रहे अजीत वसंत को नारायणपुर जिले का कलेक्टर बना दिया गया है।
सामान्य प्रशासन विभाग ने रविवार देर शाम भारतीय प्रशासनिक सेवा के 15 अफसरों की तबादला सूची जारी की। इसके जरिए धमतरी के कलेक्टर पदुम सिंह एलमा को राज्य मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी दी गई है। 2010 बैच के IAS एल्मा जून 2021 में धमतरी भेजे गए थे। उनकी जगह ऋतुराज रघुवंशी अब धमतरी के कलेक्टर होंगे। 2014 बैच के ऋतुराज अभी तक नारायणपुर के कलेक्टर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
ऋतुराज को इसी साल जनवरी में नारायणपुर भेजा गया था। नारायणपुर में कलेक्टर की जिम्मेदारी 2013 बैच के IAS अजीत वसंत को दी गई है। वसंत को इसी साल अप्रैल में मुंगेली कलेक्टर से हटाकर दिल्ली में आवासीय आयुक्त बनाया गया था। अजीत वसंत फरवरी 2020 तक खनिज विभाग के संचालक भी रहे। उनको वहां से हटाकर नये जिले गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही का अपर कलेक्टर बना दिया गया। खनिज विभाग में उनकी जगह पर 2009 बैच के IAS समीर विश्नोई को संचालक बनाया गया। उसी कार्यकाल के दौरान निकले एक आदेश की वजह से प्रवर्तन निदेशालय ने विश्नोई को मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी बनाया है।

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