वॉशिंगटन. सोशल मीडिया एप TikTok को लेकर अमेरिका में शंकाएं बढ़ रही है। मंगलवार को तीन सांसदों ने बिल पेश किया है, जिसमें एप पर प्रतिबंध लगाने की मां की गई है। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी एप के खिलाफ इस तरह के प्रयास कर चुके हैं, लेकिन कानूनी दांव पेंच के चलते रोक नहीं लग सकी थी। खास बात है कि भारत पहले ही इस एप पर बैन लगा चुका है।
खबर है कि रिपब्लिकन मार्को रुबियो, पार्टी के साथ माइक गैलेगर और डेमोक्रेट राजा कृष्णमूर्ति ने चीन और रूस के प्रभाव वाली किसी भी सोशल मीडिया कंपनी से लेनदेन पर रोक लगाने की मांग की है। रुबियो की तरफ से बयान दिया गया कि बीजिंग के नियंत्रण वाली टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने का समय आ गया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बाइडन प्रशासन अभी भी ‘टिकटॉक के जोखिम’ से अमेरिकी यूजर्स को बचाने के लिए कोई एक्शन नहीं लिया गया है।
चीनी सरकार से डेटा सुरक्षित करने में टिकटॉक की पैरेंट कंपनी बाइटडांस की क्षमताओं को लेकर अमेरिका में छानबीन बढ़ गई है। इससे पहले 2020 में ट्रंप ने नई यूजर्स टिकटॉक डाउनलोड करने से रोकने और अन्य लेनदेन पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश की थी। कंपनी की तरफ से डेटा शेयरिंग के दावों से इनकार किया जा चुका है।
कंपनी साफ कर चुकी है कि उन्होंने चीनी सरकार के साथ कोई भी जानकारी साझा नहीं है। साथ ही कंपनी का कहना है कि अमेरिका की कंपनी तय करती है कि चीन में अमेरिकी यूजर्स के डेटा को कौन देख सकता है। कंपनी ने इस बैन को राजनीति से प्रेरित बताया है।

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