रायपुर, कोरबा में राखी इस बार कुछ खास रहा। जब स्थानीय विधायक और, वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री ने हज़ारों बहनों के साथ भाईचारे का यह पावन पर्व मनाया। सुबह 11 बजे से ही पंचवटी के समीप शासकीय आवास बहनों के प्रेम और उत्साह से परिपूर्ण रहा। मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने सभी बहनों से आत्मीयता के साथ कलाई में राखी बंधवाई। शहर की बहनों ने मंत्री श्री देवांगन को तिलक लगाकर राखी बाँधी।
इस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि आज राखी के पावन पर्व पर बहनों और कोरबा समेत जिले के अलग अलग जगहों से आई ‘लाड़ली बहनों’ से राखी बंधवाकर सेवा, समर्पण और विश्वास के इस पावन बंधन को और भी प्रगाढ़ किया। यह केवल एक रक्षासूत्र नहीं, बल्कि नारी सम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रतीक भी है। मंत्री श्री देवांगन ने बहनों के स्नेह का आशीर्वाद स्वीकार करते हुए उनके सुख-दुख में सदैव साथ निभाने का संकल्प लिया। श्री देवांगन ने कहा कि कोरबा विधानसभा मेरा परिवार है। विष्णु देव सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिये ‘महतारी वंदन योजना ’ के माध्यम से प्रति माह एक हज़ार रूपए मिल रहे है।
मंत्री देवांगन हर बहन को मुस्कुराकर प्रणाम कर रहे थे, बच्चों को दुलार रहे थे और बुजुर्ग माताओं के पैर छूकर आशीर्वाद ले रहे थे। मंत्री की कलाई पर सैकड़ों रंग-बिरंगी राखियाँ लिपट चुकी थीं,हर धागे में आशीर्वाद, हर रंग में विश्वास और हर मुस्कान में भाई-बहन के अटूट बंधन दिखाई पड़ रहा था।
इस बीच जब मिडिया द्वारा पूछा गया कि कोरबा की इतनी सारी बहनों का रक्षा सूत्र और प्यार कैसा लगा तो वे मुस्कुराए और बोले, ” ये तो मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। बहनों का विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। मैं उनके सम्मान और सुरक्षा के लिए हर पल समर्पित हूँ।” पूरे कार्यक्रम के दौरान बहनों के लिए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही और हर बहन तक मिठाई और भेंट दी गई। इस अवसर पर महापौर श्रींमती संजू देवी राजपूत, गोपाल मोदी, उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, पूर्व अध्यक्ष डॉ राजीव सिंह, पार्षद श्री नरेंद्र देवांगन, श्रीमती वैशाली रत्नपारखी, श्री योगेश मिश्रा, सहित आमजन उपस्थित रहे।

More Stories
IND vs ZIM: ईशान किशन और तिलक वर्मा का तूफान, भारत ने जिम्बाब्वे के सामने रखा 220 रन का विशाल लक्ष्य
Gold Silver Update: सोना-चांदी में जोरदार उछाल, एक्सपर्ट ने दी चेतावनी- जल्दबाजी में निवेश किया तो हो सकता है नुकसान!
सरकार से समझौते के बाद खत्म हुआ CJP का आंदोलन! धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्रों ने लिया बड़ा फैसला