नई दिल्ली. भारतीय सेना की पश्चिमी कमान ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में सतह से सतह पर मार करने वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का दूसरा सफल परीक्षण किया। दुनिया की सबसे तेज ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का पहला परीक्षण भारतीय सेना ने दो वर्ष पहले अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से ही किया था। इस मिसाइल की गति आवाज की रफ्तार से लगभग तीन गुना अधिक है। ब्रह्मोस को लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में तैनात किया गया है। ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस कुछ लड़ाकू विमान भी वास्तविक नियंत्रण रेखा के करीब तैनात हैं। थलसेना और नौसेना के लिये ब्रह्मोस का पहले ही सफलतापूर्वक परीक्षण और तैनाती हो चुकी है। भारत और रूस द्वारा विकसित ब्रह्मोस अब तक की सबसे आधुनिक प्रक्षेपास्त्र प्रणाली है और इसने भारत को मिसाइल तकनीक में अग्रणी बना दिया है।

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