फ्रांस के वैज्ञानिकों को रूस के साइबेरिया इलाके के पर्माफ्रॉस्ट से दो दर्जन से ज्यादा वायरस सैंपल मिले हैं, जिनका उन्होंने परीक्षण किया है. जिनमें से एक झील के नीचे जमा हुआ था और वह करीब 48,500 साल से ज्यादा पुराना है. जिसका नाम जॉम्बी वायरस (Zombie Virus) बताया जा रहा है. रिसर्चर्स के मुताबिक, जमी हुई बर्फ में कई हजार साल तक रहने के बावजूद वे संक्रामक बने रहे और इसे पुनर्जीवित करने के बाद एक और महामारी की आशंका जताई है.
वैज्ञानिकों ने लंबे समय से चेतावनी दी हुई है कि एटमॉस्फेरिक वार्मिंग की वजह से पर्माफ्रॉस्ट से पिघलने से मीथेन जैसी पहले से फंसी हुई ग्रीनहाउस गैसें बाहर आ जाएंगी और जॉम्बी वायरस (Zombie Virus) से पर्यावरण और खराब हो जाएगा. लेकिन सुप्त पैथोजेन्स पर इसके असर के बारे में जानकारी अभी कम है.
रूस, जर्मनी और फ्रांस की रिसर्च टीमों ने कहा कि उनके रिसर्च किए जॉम्बी वायरस (Zombie Virus) को पुनर्जीवित करने का जैविक जोखिम पूरी तरह जीरो था, क्योंकि उन्होंने टारगेट ही ऐसे स्ट्रेन को किया था. खासकर वे जो अमीबा माइक्रोब्स को संक्रमित कर सकते थे. एक वायरस जो जानवरों या इंसानों को संक्रमित कर सकता है, वह बहुत ज्यादा परेशानी वाली चीज है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि खतरे को वास्तविक दिखाने के लिए उनके काम को अलग किया जा सकता है.

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