जबलपुर. मध्यप्रदेश के जबलपुर में अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना में आयोजित हो रही महिला अग्निवीरों की भर्ती का आज दूसरा और आखिरी दिन है. भारतीय सेना के सामान्य पदों में भर्ती के लिए आज दूसरे दिन मध्यप्रदेश की महिला उम्मीदवारों को मौका मिला, जबकि 20 नवंबर को पहले दिन छत्तीसगढ़ की महिला उम्मीदवारों ने अग्निवीर बनने जोर लगाया. दो दिनों तक चली इस महिला अग्निवीर भर्ती रैली में एमपी छत्तीसगढ़ से शामिल होने के लिए 5 हजार से ज्यादा महिला उम्मीदवार शामिल हुई है.
जम्मू एंड कश्मीर रायफल सेंटर में आयोजित इस महिला अग्निवीर चयन प्रक्रिया के आज दूसरे दिन एमपी के मऊ, विदिशा, हरदा, बैतूल, ग्वालियर जैसे कई जिलों से महिला उम्मीदवारों का फिजिकल टेस्ट किया गया. इसके बाद दौड़ का आयोजन किया गया. जिसके बाद सफल होने वाली महिला उम्मीदवारों को अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल किया गया. हालांकि जम्मू एंड कश्मीर राइफल्स सेंटर में आयोजित हो रही महिला अग्निवीर भर्ती में शामिल होने आई लड़कियों को सेना के अधिकारियों ने भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से पहले न केवल हौसला बढ़ाया, बल्कि उन्हें भर्ती प्रक्रिया की बारीकियां भी बताई
अग्निवीर बनने का सपना लेकर जबलपुर आई एमपी छत्तीसगढ़ की महिला उम्मीदवारों के लिए रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से जम्मू एंड कश्मीर रायफ़ल के भर्ती सेंटर तक लाने के लिए जिला प्रशासन ने निशुल्क बस सेवा भी सुविधा मुहैया करवाई है. ताकि भर्ती रैली में बाहर से आने वाली युवतियों को भर्ती सेंटर तक जाने आने में परेशानी का सामना न करने पड़े.
भर्ती के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल मध्य भारत एरिया पीके दास ने खुद ग्राउंड पर पहुंचकर अग्निवीर भर्ती रैली में शामिल होने आई युवतियों का मनोबल बढ़ाया. इस दौरान लेफ्टिनेंट जनरल पीके दास ने ना केवल लड़कियों से बातचीत की बल्कि उनको दौड़ में अव्वल आने और फिजिकल टेस्ट के लिए भी मोटिवेट किया. लेफ्टिनेंट जनरल पीके दास ने कहा कि मैंने जब इन लड़कियों से बातचीत की तो पूरा जोश और जज्बा दिखाई दिया. लेफ्टिनेंट जनरल पीके दास ने कहा कि हमने कोशिश की है कि सबसे बेहतरीन टैलेंट भारतीय सेना के लिए लिया जाए. पीके दास ने कहा कि हमें पूरा यकीन है कि यह लड़कियां सेलेक्ट होकर सेना को अपना बेहतर योगदान देंगी.
सेना के अधिकारियों का कहना है कि अग्निवीर भर्ती में शामिल होकर सेना का हिस्सा बनने वाली युवतियों का रजिस्ट्रेशन इस बार पूर्व में हुई भर्तियों के मुकाबले ज्यादा है. सेना के अधिकारियों की माने तो अग्निवीर बनकर सेना में शामिल होने के लिए आई लड़कियां न केवल पढ़ी लिखी है, बल्कि शारीरिक रूप से एकदम फिट है. लड़कियों के जज्बे को देखकर ऐसा लगता है कि अग्निवीर बनकर सेना में भर्ती होने का सपना लेकर आई युवतियां सेना की जरूरतों को पूरा करेगी
वहीं अग्निवीर भर्ती के तहत फिजिकल टेस्ट पास करने वाली लड़कियों का कहना है कि बचपन से उनका सपना सेना में जाकर देश सेवा करने का था. जिसके लिए वह अपने शहर और गांव में ही रहकर तैयारी कर रही थी, जिसका फायदा आज उन्हें यहां मिला है

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