वाशिंगटन. पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या के आरोपी सऊदी प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को लेकर अमेरिका में बवाल मचा हुआ है। खशोगी की हत्या को लेकर अमेरिका में सऊदी प्रिंस पर बैन लगाने की मांग हो रही है। लेकिन बाइडन प्रशासन ने बिन सलमान को छूट दी हुई है। यानी उन पर अमेरिका में कोई मुकद्दमा नहीं चलेगा। इसके अलावा वे US आ और जा सकते हैं। हालांकि विवाद बढ़ता देख अमेरिका की जो बाइडन सरकार ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण दिया है।
बचाव में अमेरिका को याद आए पीएम मोदी
अमेरिका का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी नेता को इस तरह की छूट दी गई है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने शुक्रवार को एक ब्रीफिंग में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इसी तरह की छूट दी गई थी जैसी कि अभी सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को दी गई है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रधान उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने एक बयान में कहा, “हमने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत दुनिया के कई नेताओं को पहले भी अमेरिका में मुकदमा चलाए जाने से मुक्ति दी है।”
पत्रकार जमाल खशोगी की नृशंस हत्या पर क्राउन प्रिंस को छूट देने के दबाव में अमेरिका ने कहा, “यह एक दीर्घकालिक और सुसंगत फैसला है। इसे पहले कई राष्ट्राध्यक्षों पर लागू किया गया है। उदाहरण के रूप में 1993 में हैती में राष्ट्रपति एरिस्टाइड, 2001 में जिम्बाब्वे में राष्ट्रपति मुगाबे, 2014 में भारत में प्रधानमंत्री मोदी और 2018 में डीआरसी में राष्ट्रपति कबीला को इसी तरह की छूट दी जा चुकी है। यह एक सतत प्रक्रिया है, जिसे हमने राष्ट्राध्यक्षों और प्रमुखों व विदेश मंत्रियों के लिए अपनाया है।”
सीएम मोदी पर अमेरिका ने लगाया था प्रतिबंध
गौरतलब है कि अमेरिका ने प्रधानमंत्री बनने से पहले तक यानी 2014 से पहले नरेंद्र मोदी पर प्रतिबंध लगाया हुआ था। अमेरिका ने गुजरात के सीएम रहने के दौरान धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ यात्रा प्रतिबंध लगाया था। हालांकि जैसे ही वे 2014 में भारत के प्रधानमंत्री बने वैसे ही अमेरिका ने प्रतिबंध हटाते हुए उन्हें छूट दे दी थी। यूएस ने 2005 में पीएम मोदी को वीजा नहीं दिया था। अमेरिका ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने 2002 में गुजरात के गोधरा दंगों को रोकने के लिए कुछ नहीं किया। हालांकि 2014 में अमेरिका ने पीएम मोदी को छूट दे दी।
पत्रकार जमाल खशोगी को लेकर क्यों फंसे सऊदी प्रिंस
जिस बाइडन प्रशासन ने सऊदी प्रिंस को छूट दी है उसी ने कभी उन पर गंभीर आरोप लगाए थे। बाइडन प्रशासन ने कहा था कि जमाल खशोगी को सऊदी प्रिंस के इशारे पर तुर्की में मार दिया गया था। हालांकि बाइडन सरकार चाहकर भी उन पर प्रतिबंध नहीं लगा सकी। इसके लिए सऊदी प्रिंस ने एक बड़ा चालाकी भरा कदम उठाया। सऊदी प्रिंस को खशोगी मामले में फंसने का डर था। इसलिए उन्हें हाल ही में सऊदी अरब का प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया था।
यानी उन्हें अब एक विदेशी सरकार के प्रमुख के रूप में मिलने वाली छूट हासिल हो गई। अमेरिका ने कहा कि सऊदी अरब का पीएम होने के नाते मोहम्मद बिन सलमान को राजनयिक छूट हासिल है। अमेरिका सरकार ने यह भी कहा कि यह हत्याकांड घृणित था।

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