राजपुर,,, परसापानी,,,आदिवासी राज़ी पड़हा हॉस्टल के छात्र का शाम को 4 बच्चों तबियत ख़राब हो गया उसके बाद राजपुर हॉस्पिटल ले ज़ाया गया l नर्स के द्वारा 4 पर्ची बनाया गया l उसके बाद ड्यूटी में डॉक्टर अपने प्रश्नल रूम में ही थे l हॉस्टल के मेम और बच्चों के साथ डॉक्टर के रूम में गय डॉक्टर देखे और वापस फिर नर्स के पास 4 बच्चों का पर्ची जमा किया गया l थोड़ी देर बाद जब no आया तब नर्स बोल रही है l इसमें 2 ही बच्चों का पर्ची है l मेम के द्वारा बोला गया मिस 4 पर्ची जमा है l। तो बोली इसमें 2 पर्ची कहाँ जाएगा यहाँ से खा गई क्या मैं ज़ाव खोजो और खोज के लाओ मेम के द्वारा फिर वापस डॉक्टर के पास देखने गय लेकिन कही पर्ची नहीं मिला फिर वापस नर्स के पास गय और बताये की पर्ची नहीं मिला आप दूसरा बना दीजिए l नर्स उसके बाद बोलने लगी क्यों लाते हो शाम को तुम्हलोगों का पर्ची टेबल में ही है खोज लो दीमांक ख़राब करने आते हो l शाम को को मत लाना इलाज करवाने जाओ वापस जाओ इलाज नहीं करूँगी फिर उसके बाद हॉस्टल अधिकक्ष आया 30 मिनट बाद फिर नर्स के पास गया और ओ पर्ची उन्हें के टेबल में मिला l इसके बाद इलाज की l साथीयों देखो नर्स के द्वारा इस टाइप से मरीजो के साथ बरताव किया जा रहा है l और पर्ची ख़ुद अपने टेबल में छुपा कर मरीजो से लड़ाई कर रहे है l क्या उन्हें ऐसी ड्यूटी के लिए बेतन मिलता है l ना जाने बोले भाले गाँव वाले के साथ कैसे बरताव करते होगे l जब स्कूल के मेम और मरीज़ के साथ ऐसा बरताव किए l आज इसलिये लोग सरकारी अस्पताल जाने के बजाए प्राइवेट अस्पताल जाना पसंद करते है l मुझे नहीं लगता कि हमारे राजपुर हॉस्पिटल में ऐसे नर्स की ज़रूरत है l

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