आम जन को घर बनाने में आर्थिक रूप से काफी भार सहना पड़ रहा है
प्रधानमंत्री सड़कों पर ओवर लोडेड 30 से 40 टन की डमफर, हाईवा चलने से मार्ग हो रहा जर्जर
महासमुंद//नारायण सान :
छत्तीसगढ़ शासन के आदेशानुसार 15 जून से 15 अक्टूबर तक प्रदेश में रेत का उत्खनन, परिवहन व भंडारण पर प्रतिबंध लगाया गया है , बावजूद इसके महासमुंद जिले में रेत का रोजाना परिवहन और भंडारण किया जा रहा है। 10 चक्का 12 व 18 चक्का हाईवा, डमफर के माध्यम से परिवहन किया जा रहा है.
सामाजिक कार्यकर्ता ने पत्र में लिखा है कि जो रेत 8 से 10 हजार रु (हाईवा) में मिला करता था, वही आज 14 से 18 हजार रु कीमत पर बेचा जा रहा है। (एक हाईवा रेत का 8 ट्रैक्टर ट्राली होती है, जिसकी कीमत 3 से 4 हज़ार रू लिया जा रहा है जिसकी कुल कीमत 27 हज़ार तक पहुंचती है) जिससे आम जन को घर बनाने में आर्थिक रूप से काफी भार सहना पड़ रहा है।
अवैध रेत परिवहन से सरायपाली, बसना क्षेत्र की प्रधानमंत्री सड़कों पर (12 टन) ओवर लोडेड 30 से 40 टन की डमफर, हाईवा चलाया जा रहा है जिससे मार्ग क्षतिग्रस्त हो रही है!
क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन से शासन को रोजाना लाखों रू राजस्व की हानि भी हो रही है।
International Human Rights Council के प्रदेश महासचिव डॉ मोहम्मद इरफान शेख ने मामले को प्राथमिकता देते हुए जनहित के मुद्दे को उठाकर जिला कलेक्टर को संज्ञान लेने निवेदन किया है. शासन के आदेश की अवहेलना, उच्च कीमत पर रेत बेचने और अवैध रेत उत्खनन, परिवहन, भंडारण पर उचित जांच/ कार्यवाही करते हुए बढ़ी हुई कीमत को नियंत्रण करने की मांग की है.

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