रायपुर. छत्तीसगढ़ में हसदेव के जंगल में पेड़ों की कटाई का विरोध लगातार जारी है। इस बीच प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन को पत्र लिखा है। नेता प्रतिपक्ष ने राज्यपाल को पत्र लिखकर जल्द से जल्द हसदेव में पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने की बात कही है। महंत ने पत्र लिखकर कहा कि हसदेव अरण्य कोलफील्ड के सभी कोल ब्लॉक से उत्खनन एवं पेड़ों की कटाई के विरोहन की गतिविधियों को रोक लगाने एवं कूट रचित उत्तरदायित्व व्यक्तियों के खिलाफ अपराध पंजीबद करने के निर्देश के लिए राज्यपाल से आग्रह किया है।
डॉ. चरणदास महंत ने पत्र के माध्यम से अवगत कराते हुए लिखा है कि छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग ने परसा कोल ब्लॉक में उत्खनन के लिए आवश्यक अनुमतियां हासिल करने के लिए फर्जी ग्रामसभा प्रस्ताव पास करने की ग्रामीणों के आरोपों की जांच की हैं। इस जांच में आयोग ने ग्राम सभा की फर्जी कार्यवाही के आरोपों को प्राथमिक रूप से सही पाते हुए परसा कोल ब्लॉक में खनन के लिए कोई भी अग्रिम कार्यवाही न करते हुए यथास्थिति बनाए रखने का आदेश 30 मई 2024 को किया है। आदेश की प्रति संलग्न है.ग्राम सभाओं की बैठकों में प्रस्ताव प्रस्तुत किए बिना तथा प्रस्ताव पारित हुए बिना ही कूट रचना करके कार्यवाही विवरणों में प्रस्ताव पारित होने का उल्लेख करना गंभीर आपराधिक मामला है, जिसे षड़यंत्रपूर्वक अंजाम दिया गया है। इस कूट रचित कार्यवाही विवरण के कारण ही 02.02.2022 के भारत सरकार की ओर से कोल ब्लॉक आवंटन रकबा 1136 हेक्टेयर (ग्राम परसा तथा केते) के लिए अनुमतियां दी गई। 23.10.2021 को अनसूईया उईके, छत्तीसगढ़ के तत्कालीन राज्यपाल की ओर से राज्य के मुख्य सचिव को एक पत्र प्रेषित करते हुए ग्राम सभाओं की कूट रचित कार्यवाहियों की जांच करने, प्रतिवेदन प्रस्तुत करने और जांच होने तक परसा कोल ब्लॉक में उत्खनन संबंधी कार्यवाहियों को रोक देने के लिए निर्देशित किया गया था, पत्र की प्रतिलिपि संलग्न है।
महंत ने कहा नहीं किया गया नियमों का पालन
छत्तीसगढ़ विधानसभा में 26 जुलाई 2022 को सर्वसम्मति से यह अशासकीय संकल्प स्वीकृत किया गया था कि, इस सदन का मत है कि हसदेव क्षेत्र में आवंटित सभी कोल ब्लॉक रद्द किए जाएं। सम्पूर्ण हसदेव अरण्य कोल फील्ड (जिसमें परसा कोल ब्लॉक शामिल है) पर संविधान की पांचवीं अनुसूची प्रभावी है और इसलिए इस क्षेत्र में पंचायत अनुबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम, 1996 (PESA) लागू है. इस अधिनियम की धारा 4 के खंड (ड.) के अनुसार यह आवश्यक है कि क्षेत्र की प्रत्येक ग्राम सभा के द्वारा सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए योजनाओं, कार्यक्रमों और परियोजनाओं का अनुमोदन किया जाए। परंतु परसा कोल ब्लॉक के मामले में इसका पालन नहीं किया गया है। इसके अलावा भूमि का अर्जन करने तथा परियोजना से प्रभावित व्यक्तियों को फिर से बसाने या उनको पुनर्वासित करने के संबंध में भी धारा 4 के खंड (झ) का पालन नहीं किया गया है।

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