खनन विभाग के साथ साथ आरटीओ विभाग की भी मौन सहमति!
महासमुंद//दि बीबीसी लाइव/नारायण सान :
खनन विभाग के सुस्त रवैये के चलते, प्रतिबंध के बावजूद, रेत का खेल बदस्तूर जारी है।
शहर से लेकर गांव तक जगह जगह रेत का अवैध भंडारण देखा जा सकता है।
ज्ञात हो की राज्य शासन द्वारा 15जून से 15अक्टूबर तक रेत उत्खनन पर प्रतिबंध है। कारण पर्यावरण संरक्षण है क्यों की वाटर लेवल हजारों फीट नीचे जा चुका है, बारिश में अगर नदी नालों से रेत का दोहन न हो तो पानी के ठहराव से वाटर लेवल बढ़ेगा इसलिए एनजीटी भी अतिआवश्यक कारवाही के लिए दिशा निर्देश जारी करती है। लेकिन राज्य शासन के आदेश को ठेंगा दिखा कर रेत उत्खनन व परिवहन आज भी जारी है।
आपको बता दें की प्रतिबंध के बावजूद रोजाना हाईवा/ डंफर /ट्रक के जरिए गांव के रास्ते ओवरलोड गाड़ियां चल रही है।
शुक्रवार को एक मामला अंतरला में प्रकाश में आया, जहां एक ट्रक रेत से भरा हुआ अनियंत्रित होकर पलट गया। ट्रक ड्राइवर गांव वालों को धमकी भी दे रहा था। गांव के ग्रामीण भारी वाहनों के गुजरने से अति परेशान है। रोड से लगा हुआ स्कूल भी है जहां दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
इसके साथ ही देखने को मिल रहा है की रेत परिवहन की गाडियां बैगर नंबर प्लेट की है और कई सफेद पट्टी की भी है। खनन विभाग के साथ साथ आरटीओ विभाग पर भी संदेह जाता है की आरटीओ परमिशन इन्हे कैसे मिला??
खैर
अब सुनने को मिल रहा है की गांव वाले एसडीएम को ज्ञापन देकर भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग करेंगे।

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