June 10, 2026

खबरों पर नजर हर पहर

मस्तूरी सोसाइटी एरमसही में बड़ी गड़बड़ी आई सामने, कारवाही शून्य!

मस्तूरी//दी बीबीसी लाइव :

मस्तूरी विकासखंड के ग्राम पंचायत एरमसही में सोसाइटी शासकीय उचित मूल्य की राशन दुकान सौरभ पटेल एवं उसके भाई शुभम पटेल के द्वारा संचालित किया जा रहा है।

मिली जानकारी अनुसार यह दुकान महिला सहायता समूह को दिया गया है और इसका संचालन भी महिला स्व सहायता समूह के द्वारा ही होना है। बावजूद इसके देखने को मिल रहा है कि सौरभ पटेल के द्वारा हितग्राहियों को चावल प्रदान किया जाता है। इसमें इनके द्वारा हितग्राहियों से अंगूठा लगवा लिया गया है एवं दो-तीन दिन में आपको चावल मिल जाएगा बोलकर चलता कर देता है।

उक्त गड़बड़ियों की शिकायत फूड इंस्पेक्टर ललिता शर्मा से की गई है लेकिन उनके द्वारा अभी तक किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं हुई और जब भी किसी पत्रकार के द्वारा राशन दुकान के स्टाक को देखने की मांग की जाती है तो सौरभ पटेल और शुभम पटेल एवं मां दुर्गा सहायता समूह के सभी सदस्य के द्वारा यह करके चलता कर दिया जाता है की चाबी शुभम के पास है। वह बाहर गया है। सौरव के पास है वह बाहर गया है एवं शुभम पटेल और सौरभ पटेल द्वारा अपने घर की लेडिस को सामने कर दिया जाता है और यह बुला दिया जाता है कि बाहर गए हैं।
जबकि जानकर बताते हैं की वह स्वयं घर के अंदर रहता है।

ज्ञात हो की इनके ऊपर पूर्व में ही 323 कुंटल चावल एवं 630 कुंटल शक्कर के गबन का आरोप एसडीएम साहब के यहां लंबित है। 2006 से श्री राधा बाई पटेल के नाम से सोसाइटी संचालित है। शुभम पटेल के द्वारा राधाबाई पटेल को धोखे में रखकर भानमती पटेल को अध्यक्ष बना दिया गया, समूह का एवं अपने ही घर के सुनीता पटेल को सचिव बना दिया गया और सारी गड़बड़ी को अंजाम दिया जा रहा है। इसकी शिकायत एसडीएम साहब से की गई थी जिसमें एसडीएम साहब ने शुभम पटेल सौरभ पटेल को दोषी पाया और राधाबाई पटेल के पक्ष में फैसला सुनाया।
इस बीच में फूड इंस्पेक्टर अजय मौर्य ने राधाबाई पटेल को प्रभार नहीं दिया और अजय मौर्य को हमारे द्वारा कई बार इसकी सूचना दी गई लेकिन उनके द्वारा कोई भी कभी भी कार्रवाई नहीं की गई।

हमारे संवाददाता द्वारा स्टाक देखने की मांग की जाती है तो शुभम पटेल एवं सौरभ पटेल द्वारा अपने घर की लेडिस को सामने में कर दिया जाता है और बोला जाता है कि मैं घर से बाहर हूं बोल दीजिए इसकी सूचना एसडीम साहब और फूड इंस्पेक्टर वर्तमान ललिता शर्मा जी को दी जा चुकी है।

गरीबों के हक पर डांका डाला जा रहा है!
सोचने की बात यह है कि अधिकारियों के द्वारा मौके में आकर के चावल की कमी पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है?