आंख आना या आई फ्लू एक संक्रामक रोग है जो बरसात मौसम जून जुलाई माह के समय सामान्यतः देखने में आता हैं और यह रोग वायरस जनित होता है। जो एक दूसरे के संपर्क में आने अतिशीघ्र फैलता है।
इस रोग में मरीज के आंख में सूजन के साथ साथ लाल या गुलाबी होना तथा लगातार आंसू के साथ चिपड़ा का स्त्राव के साथ आंखो और सर में दर्द होना हो सकता है और कई मरीजों को इस रोग के साथ नाक बहना सर्दी खांसी बुखार के लक्षण भी देखने को मिलते है।
इसका इलाज मुख्यत: लक्षणों पर आधारित होता है। तथा इस संक्रामक रोग में एक मरीज का कुछ भी सामान दूसरे सामान्य व्यक्ति को उपयोग से बचना चाहिए।
इसमें प्रत्येक रोगी को भी प्रभावित आंखों में उपयोग किए गए रुमाल या दवाइयों को सामान्य आंखों के उपयोग में नहीं लाना चाहिए । आई फ्लू या आंख आना का इलाज लक्षणों पर आधारित होता है इसीलिए किसी अच्छे चिकित्सक के सलाह से ही दवाई लेना चाहिए और आंख को धूप धूल और गंदगी से बचना चाहिए और साफ पानी से आंखो को बार बार धोना चाहिए साथ ही साथ साधारण चश्मा भी पहनना चाहिए जिससे मरीज के आंखो को धूल गंदगी आदि से बचाए जा सके तथा यह रोग अन्य सामान्य व्यक्ति को भी फैलना से रोका जा सके। यदि यह रोग में 3 से 5 दिनों में आराम ना मिले तो किसी नजदीकी नेत्र रोग विशेषज्ञ से सम्पर्क करना चाहिए।
डॉ महावीर अग्रवाल
एमबीबीएस एमडी

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