Yoga Asanas for PCOS and PCOD: आज के समय में महिलाओं के बीच पीसीओएस और पीसीओडी की समस्या आम हो गई है। जिसके पीछे सबसे बड़ी वजह खराब दिनचर्या, खानपान में गड़बड़ी और जरूरत से ज्यादा तनाव माना जाता है। इन दोनों ही समस्याओं में महिला के शरीर के हार्मोन्स गड़बड़ाने लगते हैं, जिससे बच्चेदानी (ओवरी) में सिस्ट यानी छोटी-छोटी गांठें हो जाती हैं। नतीजतन महिला को मोटापा, अनियमित पीरियड्स, इनफर्टिलिटी और इन्सुलिन रेजिस्टेंस जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बता दें, हमारे देश में करीब 10 प्रतिशत महिला आबादी पीसीओडी की समस्या से परेशान है। हालांकि एक्सपर्ट्स की मानें तो जीवनशैली में कुछ बदलाव और योगासनों की मदद से न सिर्फ पीसीओएस और पीसीओडी के लक्षणों को कम किया जा सकता है बल्कि इससे होने वाले साइड इफेक्ट्स को भी दूर करने में मदद मिलती है। ऐसे में आइए जानते हैं आखिर वो कौन से 3 योगासन हैं, जिनकी मदद से हॉर्मोन्स के कारण होनेवाली pcos और pcod जैसी समस्याओं से छुटकारा पाने में मदद मिल सकती है।
सूर्य नमस्कार-
ज्यादातर लोग सूर्य नमस्कार का अभ्यास मन की एकाग्रता बढ़ाने और वेट लॉस करने के लिए करते हैं। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि पीसीओडी से पीड़ित महिलाएं अगर धीरे-धीरे इस आसन का अभ्यास करेंगी तो उन्हें अपने प्यूबिक एरिया की मसल्स यूरिनरी ट्रैक्ट वेन्स और लोअर एब्डोमिनल मसल्स को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है। जो महिलाओं की मेंस्ट्रुअल साइकिल को रेग्युलर बनाए रखने का काम करती है।
चक्कीचाल आसन-
चक्कीचाल आसन न सिर्फ करने में बेहद आसान है बल्कि पीसीओडी की समस्या को दूर करने में भी बेहद प्रभावी है। इस आसन को करने से गर्भाश्य, अंडाशय, किडनी और पेट के निचले हिस्सी की मसल्स की मसाज होती है, जिससे वो हेल्दी बनी रहती है।
नौका चलानासन-
नौका चलानासन का अभ्यास करने से पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द और अनियमिता की समस्या से छुटकारा मिलता है। इस योग का निरंतर अभ्यास करने से हार्मोंस को बैलेंस करने में मदद मिलती है।

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